बेटा निकला घर का ‘भेदी’! सस्पेंडेड आरक्षक ने दोस्तों संग रची अपने ही घर में चोरी की साजिश, नशे के लिए उड़ाए जेवर-नकदी

बिलासपुर, 6 अक्टूबर 2026। बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र में चोरी की एक वारदात ने पुलिस को भी चौंका दिया। जिस घर में चोरी हुई, उसी घर का बेटा कथित तौर पर इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के मुताबिक, सस्पेंडेड आरक्षक आशीष मिश्रा ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही घर में चोरी की साजिश रची और सोने-चांदी के जेवर व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
पुलिस ने मामले में आशीष मिश्रा समेत उसके दो साथियों सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना और अनुराग चौधरी उर्फ लालू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवर बरामद किए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक भी पुलिस ने जब्त की है।
मां तीज मनाने गईं रीवा, पीछे से बेटे ने रच दी चोरी की कहानी
मामला सकरी थाना क्षेत्र की सागरदीप कॉलोनी का है। यहां रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। इसी दौरान घर के कमरे में रखी अलमारी और लॉकर का ताला टूटा मिला।
परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। महिला के बिलासपुर लौटने पर अलमारी की जांच की गई तो उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब मिले। इसके बाद सकरी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो शक बाहरी चोरों से ज्यादा घर के करीबियों पर गया।
चोरी के वक्त घर में मौजूद था बेटा, यहीं से खुली पूरी कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने घर के सदस्यों और परिचितों से पूछताछ की। इसी दौरान महिला के बेटे आशीष मिश्रा (31) की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं।
पुलिस के मुताबिक, चोरी के समय आशीष घर पर ही मौजूद था। पूछताछ आगे बढ़ी तो कथित तौर पर पूरी कहानी सामने आ गई। पुलिस के अनुसार, आशीष ने अपने दोस्तों सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27) और अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23) के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी।
घर के जेवर और नकदी की थी पूरी जानकारी
पुलिस का कहना है कि आशीष को घर में रखे जेवर और नकदी की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर तीनों ने कथित तौर पर वारदात की योजना तैयार की।
यानी जिस घर में चोरी हुई, वहां रखे सामान की जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति से ज्यादा घर के सदस्य को ही थी। यही कड़ी पुलिस की जांच में अहम साबित हुई।
सस्पेंडेड आरक्षक, नशे की लत और फिर चोरी का प्लान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत था। उसे अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। हालांकि, काम में लापरवाही और नशे की आदत के चलते वह फिलहाल निलंबित बताया गया है।
CSP परमेश्वर तिलकवार के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नशे के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवर बरामद किए हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक भी जब्त कर ली गई है।
तीनों आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने आशीष मिश्रा, सूरज सिंह ठाकुर और अनुराग चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। अब पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले किसी और चोरी की वारदात को अंजाम तो नहीं दिया था।
एक चोरी ने खोल दी घर के अंदर की पूरी कहानी
सकरी की इस वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यही रही कि पुलिस जिस चोर की तलाश कर रही थी, जांच की कड़ी आखिरकार घर के ही सदस्य तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, नशे की जरूरत पूरी करने के लिए कथित तौर पर घर की जानकारी का इस्तेमाल कर चोरी की साजिश रची गई।
