IFS Pankaj Singh Rajput: छत्तीसगढ़ में IFS अधिकारी और पत्नी के बीच विवाद फिर सुर्खियों में, वीडियो जारी कर खोले पारिवारिक विवाद के पन्ने; अधिकारी ने दावे नकारे
पत्नी ने प्रताड़ना और आर्थिक परेशानियों के लगाए आरोप, नाबालिग बेटे के साथ व्यवहार पर भी उठाए सवाल; पंकज सिंह राजपूत बोले- आरोप गलत, मामला पांच साल से कोर्ट में

रायपुर, 3 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ कैडर के 2014 बैच के IFS अधिकारी पंकज सिंह राजपूत से जुड़ा पारिवारिक विवाद अब सार्वजनिक चर्चा में है। उनकी पत्नी अदिति सिंह ने वीडियो जारी कर पति, सास, ससुर और ननद पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। अदिति ने सामाजिक और आर्थिक रूप से परेशान किए जाने तथा अपमानजनक व्यवहार का भी दावा किया है।
अदिति सिंह ने अपने वीडियो में आरोप लगाया है कि उनके साथ लंबे समय से प्रताड़ना का व्यवहार किया गया। उन्होंने पति पर अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके नाबालिग बेटे के साथ भी इस तरह का व्यवहार किया जाता है।
उन्होंने अपने बेटे के खर्च को लेकर भी कुछ कानूनी घटनाक्रम का जिक्र किया है। अदिति के मुताबिक, वर्ष 2020 में कोर्ट से नोटिस मिलने के बाद बेटे के लिए हर महीने 8 हजार रुपये दिए जाने लगे।
अदिति ने अपनी मां निर्मला देवी से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया और दावा किया कि पंकज सिंह राजपूत की ओर से दायर मामला हाल ही में अदालत ने खारिज किया है। इस दावे की अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक आदेश और रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
पंकज सिंह राजपूत ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर, पंकज सिंह राजपूत ने मीडिया से बातचीत में पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि यह पारिवारिक विवाद है और करीब पांच वर्षों से अदालत में विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि जब मामला न्यायालय में चल रहा है, तब उसे सार्वजनिक मंच पर उठाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह बच्चे के अभिभावक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इस तरह मामले में दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं और विवाद से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री से नहीं होती।
स्टाफ से व्यवहार को लेकर शिकायत का भी जिक्र
पारिवारिक विवाद के अलावा पंकज सिंह राजपूत की महासमुंद में पोस्टिंग के दौरान स्टाफ के साथ व्यवहार को लेकर शिकायत किए जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, इन शिकायतों की वास्तविक स्थिति और उन पर किसी विभागीय कार्रवाई की जानकारी संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल पारिवारिक विवाद से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप और न्यायिक मामलों की स्थिति को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है। किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच, न्यायिक आदेश या आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही होगी।
