राशन में लापरवाही पर CM साय का सख्त एक्शन! शिकायत मिलते ही हिली व्यवस्था, राशन दुकान का लाइसेंस सस्पेंड

रायपुर, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में गरीब और पात्र परिवारों को राशन वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिलना चाहिए। खासतौर पर विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) की बसाहटों में राशन वितरण की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, रायगढ़ जिले के आमानारा में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी। मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री साय ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल संज्ञान लेते हुए रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से फोन पर पूरे मामले की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मामले की जांच कराई गई।
शिकायत सही मिली, राशन दुकान का लाइसेंस सस्पेंड
जांच में राशन वितरण को लेकर की गई शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित राशन दुकान के खिलाफ कार्रवाई की गई। राशन दुकान का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है।
वहीं, पहाड़ी कोरवा और अन्य पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने के लिए चिड़ोडी की राशन दुकान से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी पात्र परिवार को राशन के लिए परेशान न होना पड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ई-पॉस मशीन में दर्ज एंट्री और वास्तविक रूप से वितरित राशन का मिलान करने के भी निर्देश दिए हैं। इससे राशन वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता की स्थिति का पता लगाया जा सकेगा।
CM साय का स्पष्ट संदेश- पात्र परिवार राशन से वंचित नहीं होना चाहिए
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण में अनियमितता या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि राशन वितरण में गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले हितग्राहियों के राशन वितरण की अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ निगरानी करने को कहा है।
दोबारा ऐसी शिकायत नहीं आनी चाहिए
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि आमानारा जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन को पात्र परिवारों तक समय पर राशन पहुंचाने के साथ-साथ वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं। पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार का लाभ बिना किसी परेशानी और पूरी पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए।
मैदानी स्तर से जिला स्तर तक होगी निगरानी
CM साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राशन वितरण व्यवस्था की मैदानी स्तर से लेकर जिला स्तर तक नियमित समीक्षा की जाए। खासकर दूरस्थ क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी राशन वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है या नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे। इसके लिए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आमानारा मामले में शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई और राशन दुकान का लाइसेंस सस्पेंड किए जाने से यह स्पष्ट है कि सरकार राशन वितरण में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपना रही है।
