BJYM जिलाध्यक्ष को नोटिस; बाईपास की मांग को लेकर पदयात्रा का ऐलान पड़ा भारी, 3 दिन में मांगा जवाब

गौरेला-पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा बाईपास की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर पदयात्रा का ऐलान करना भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे को भारी पड़ गया है। संगठन ने उनके सोशल मीडिया पोस्ट को संगठनात्मक मर्यादा और अनुशासन के विपरीत मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में सिद्धार्थ दुबे से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
दरअसल, सिद्धार्थ दुबे ने सोशल मीडिया के जरिए गौरेला से नागपुर तक पदयात्रा निकालने की घोषणा की थी। प्रस्तावित पदयात्रा के दौरान रायपुर पहुंचकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात करने और इसके बाद नागपुर जाकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने गौरेला-पेंड्रा बाईपास को स्वीकृति देने की मांग रखने की बात कही गई थी।
सिद्धार्थ दुबे की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट में बाईपास नहीं होने के कारण क्षेत्र में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि का मुद्दा भी उठाया गया था। उन्होंने पदयात्रा को क्षेत्र में बेहतर आवागमन, विकास को गति देने और स्थानीय लोगों को राहत दिलाने की मांग से जोड़ते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही थी।
22 और 31 अगस्त की पोस्ट पर संगठन ने जताई आपत्ति
संगठन की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि सिद्धार्थ दुबे ने 22 अगस्त और 31 अगस्त को फेसबुक के माध्यम से पार्टी संगठन और संगठनात्मक विषयों से संबंधित पोस्ट एवं टिप्पणियां सार्वजनिक की थीं।
संगठन ने इन सोशल मीडिया गतिविधियों को संगठनात्मक मर्यादा के अनुरूप नहीं माना है। इसी आधार पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है और निर्धारित अवधि के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब जवाब पर टिकी नजर
मामला सामने आने के बाद गौरेला-पेंड्रा जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। एक ओर बाईपास की मांग को लेकर पदयात्रा का मुद्दा है, तो दूसरी ओर संगठन ने सोशल मीडिया पर इस तरह की सार्वजनिक पहल को अनुशासन के नजरिए से देखा है।
अब नजर इस बात पर है कि सिद्धार्थ दुबे संगठन को क्या जवाब देते हैं और उनके जवाब के बाद पार्टी नेतृत्व आगे क्या कार्रवाई करता है। वहीं, गौरेला-पेंड्रा बाईपास की मांग भी इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है।
