बिलासपुर एयरपोर्ट पर हाईकोर्ट सख्त! AAI को जल्द फैसला करने के निर्देश, 20 अक्टूबर तक जनसुविधा भवन पूरा करने का दावा

बिलासपुर, 25 अगस्त 2026। बिलासपुर एयरपोर्ट की हवाई सुविधाओं, विकास कार्यों और उड़ानों की संख्या को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर गंभीर रुख अपनाया है। मंगलवार को जनहित याचिकाओं पर हुई सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने हाईकोर्ट को बताया कि राज्य सरकार एयरपोर्ट के ऑपरेशनल मेंटेनेंस और विकास कार्यों की जिम्मेदारी AAI को सौंपने का प्रस्ताव दे चुकी है।
AAI के अनुसार प्रस्ताव पर सक्रियता से विचार किया जा रहा है और इसे लागू करने के लिए एमओयू का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अनावश्यक देरी नहीं करने और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए।
अब AAI संभालेगा बिलासपुर एयरपोर्ट का संचालन और विकास?
सुनवाई में AAI के जवाब के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। यदि राज्य सरकार और AAI के बीच प्रस्तावित एमओयू पर सहमति बनती है, तो एयरपोर्ट के ऑपरेशनल मेंटेनेंस और विकास कार्यों में AAI की बड़ी भूमिका हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय और एमओयू पर हस्ताक्षर होना अभी बाकी है।
एयरपोर्ट के संचालन और विकास की जिम्मेदारी को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच हाईकोर्ट ने AAI को जल्द निर्णय लेने के निर्देश देकर मामले को गति देने का संकेत दिया है।
20 अक्टूबर तक पूरा होगा जनसुविधा भवन
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि एयरपोर्ट के जनसुविधा भवन के निर्माण में हुई देरी को मंत्रालय और जिला प्रशासन के स्तर पर गंभीरता से लिया गया है।
हाईकोर्ट द्वारा तय नई समयसीमा के अनुसार सरकार ने 20 अक्टूबर तक जनसुविधा भवन का निर्माण हर हाल में पूरा करने का दावा किया है।
इसके साथ ही एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल और पेरीफेरी रोड के डामरीकरण का काम भी आगे बढ़ा है। इन कार्यों के लिए टेंडर स्वीकृत होने के साथ ही कार्य आदेश जारी किए जाने की जानकारी भी हाईकोर्ट को दी गई।
हाईकोर्ट में उठा बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली फ्लाइट बंद होने का मुद्दा
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या में आई कमी का मुद्दा उठाया।
विशेष रूप से बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली रूट की उड़ान बंद होने की जानकारी हाईकोर्ट के सामने रखी गई। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के यात्रियों को सीमित हवाई सेवाओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अक्टूबर से लागू होने वाले विंटर शेड्यूल में बिलासपुर से उड़ानों की स्थिति बेहतर बनाने के लिए आवश्यक विचार-विमर्श चल रहा है। सरकार की कोशिश एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों की संख्या बढ़ाने की है।
UDAN योजना में सभी संभावित रूट शामिल करने की मांग
याचिकाकर्ताओं ने केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बिलासपुर से संचालित किए जा सकने वाले सभी संभावित हवाई रूट को शामिल करते हुए प्रस्ताव भेजने की मांग भी की। उनका कहना है कि बिलासपुर संभाग के साथ आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बढ़ाने की आवश्यकता है।
29 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
हाईकोर्ट में बिलासपुर एयरपोर्ट से जुड़ी सुविधाओं, विकास कार्यों और हवाई सेवाओं को लेकर अब अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। अब सबकी नजर दो बड़े मुद्दों पर रहेगी—AAI के साथ प्रस्तावित एमओयू पर कब अंतिम फैसला होता है और अक्टूबर के विंटर शेड्यूल में बिलासपुर को कितनी नई या बहाल उड़ानें मिलती हैं।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट के अधूरे विकास कार्यों और सीमित उड़ानों के मुद्दे पर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही एक बार फिर बढ़ गई है।
