बिलासपुर बाल सुधार गृह में मचा हड़कंप! रेप के आरोपी नाबालिग ने फांसी लगाकर दी जान, एक हफ्ते पहले ही आया था यहां

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बाल सुधार गृह के भीतर एक नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। दुष्कर्म के मामले में आरोपी बनाए गए नाबालिग ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खास बात यह है कि उसे करीब एक सप्ताह पहले ही बाल सुधार गृह लाया गया था।
घटना सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल सुधार गृह की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक मूल रूप से रायगढ़ जिले का रहने वाला बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, नाबालिग के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई के बाद उसे करीब सप्ताहभर पहले बाल सुधार गृह में रखा गया था। यहां रहने के दौरान उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी रहस्य बना हुआ है।
पुलिस अब उसके पिछले कुछ दिनों के व्यवहार, बातचीत और बाल सुधार गृह में रहने के दौरान की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
सुरक्षा और निगरानी पर भी उठेंगे सवाल
घटना के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि जिस समय नाबालिग ने यह कदम उठाया, उस दौरान निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी।
बाल सुधार गृह में तैनात कर्मचारियों और वहां मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले नाबालिग की किसी से बातचीत हुई थी या उसके व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव आया था।
आत्महत्या की वजह अब भी अनसुलझी
पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नाबालिग ने इतना बड़ा कदम आखिर क्यों उठाया? अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, उपलब्ध जानकारी और नाबालिग के पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
सरकंडा पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है।
फिलहाल बाल सुधार गृह में हुई इस मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाबालिग ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और घटना से पहले वहां क्या हुआ था।
