रिश्वत लेना पड़ा महंगा: 12 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया कर्मचारी बर्खास्त, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा

बलरामपुर, 12 अगस्त 2026। एरियर्स भुगतान के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगना और 12 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा जाना शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी गौतम सिंह आयम को महंगा पड़ गया। ACB की कार्रवाई के बाद कोर्ट से मिली सजा के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उसे शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), बलरामपुर-रामानुजगंज ने रिश्वतखोरी के मामले में गौतम सिंह आयम को दोषी ठहराते हुए 3 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
गौतम सिंह आयम वाड्रफनगर के इंजानी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ था और बीईओ कार्यालय में संलग्न था। 13 अगस्त 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो ने उसे एरियर्स भुगतान के नाम पर 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
ACB की कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण उसे 21 अगस्त 2024 को निलंबित कर दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान रिश्वत मांगने और लेते हुए पकड़े जाने के आरोप सिद्ध हुए। कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत उसे दोषी माना और तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया।
कोर्ट से दोषसिद्धि के बाद डीईओ कार्यालय ने अलग से विभागीय जांच की आवश्यकता नहीं मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10(9) के तहत कार्रवाई की और गौतम सिंह आयम को सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
