विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल

रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां विकास का लक्ष्य केवल नए उद्योगों की स्थापना तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार रोजगार के नए अवसरों के सृजन, निवेश को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीक के विस्तार और क्षेत्रीय संतुलित विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में निवेशकों के लिए पारदर्शी, सुविधाजनक और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में लागू नई औद्योगिक नीतियों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
टेक्सटाइल क्षेत्र में नई शुरुआत
छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग के विस्तार की दिशा में 25 जून 2026 को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने टेक्सटाइल पार्क की पहली इकाई का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इस इकाई से लगभग 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
3,009 नई औद्योगिक इकाइयों से 50,807 लोगों को रोजगार
राज्य में औद्योगिक विकास की गति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते ढाई वर्षों में 264 औद्योगिक परियोजनाओं से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं और कई इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो चुका है।
इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य की औद्योगिक नीतियां केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई दे रहा है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 से निवेश को प्रोत्साहन
राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने प्रदेश में निवेश के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। नीति के तहत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तक और सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। एमएसएमई और सेवा क्षेत्र के उद्योगों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मास्यूटिकल्स जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज भी दिए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी महत्वपूर्ण पहलें आकार ले रही हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। निवेशकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया गया है। निवेशकों के लिए एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार तथा विभिन्न प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है।
औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के सभी क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। इसके साथ ही 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क तथा नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा और रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसी परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक आधार को और मजबूत कर रही हैं।
रोजगार सृजन और निवेश को धरातल पर उतारना लक्ष्य
हाल ही में ‘विजन 2047 : औद्योगिक विकास की संभावनाएं’ विषय पर आयोजित चर्चा में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
आने वाले वर्षों में निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण तथा बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।
निवेशकों का बढ़ रहा भरोसा
नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे विभिन्न क्षेत्रों में 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग के साथ-साथ डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी बड़े निवेश आकर्षित हुए हैं। यह छत्तीसगढ़ के मजबूत हो रहे औद्योगिक इकोसिस्टम और बिजनेस-फ्रेंडली वातावरण में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।
नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क
वस्त्र एवं परिधान उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। लगभग 81 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस पार्क में 2,758 वर्गमीटर से लेकर 38,180 वर्गमीटर तक के भूखंड उपलब्ध हैं।
यहां टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र तथा इनके सहायक और पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे प्रदेश में टेक्सटाइल वैल्यू चेन विकसित होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव
विजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ का औद्योगिक अभियान केवल आर्थिक विकास की कहानी नहीं है। यह ऐसे भविष्य की नींव रखने का प्रयास है, जहां निवेश, नवाचार, तकनीक, रोजगार और समावेशी विकास एक साथ आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। नई औद्योगिक परियोजनाओं, आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों के विस्तार के साथ प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
विजन 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और नवाचार के नए अवसरों का उभरता केंद्र बन रहा है।
