Bilaspur-दान की जमीन का करोड़ों में सौदा! 430 वर्गफुट को बताया 3120 वर्गफुट, महिला से 7 लाख की ठगी; दो पर FIR
बिलासपुर। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दान की गई जमीन को वैध बताकर करोड़ों रुपये में बेचने और 7 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। जमीन के दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के आरोप में पुलिस ने खपरगंज निवासी नबी बक्श और मोहम्मद कासिम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र की कश्यप कॉलोनी निवासी संजना वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपियों ने खपरगंज स्थित 3120 वर्गफुट जमीन को अपनी दिवंगत दादी बसारत बी के नाम दर्ज बताते हुए बेचने का प्रस्ताव दिया। दोनों पक्षों के बीच 18 अक्टूबर 2024 को नोटरी के माध्यम से इकरारनामा हुआ और जमीन का सौदा 1.60 करोड़ रुपये में तय हुआ।
शिकायत के मुताबिक, बयाने के तौर पर संजना वर्मा ने आरोपियों को 7 लाख रुपये चेक के जरिए दिए। बाद में जब उन्होंने नजूल विभाग से जमीन के दस्तावेजों की जांच कराई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि भूमि से जुड़े दस्तावेज संदिग्ध हैं और संबंधित नामांतरण का मामला 2025 में नजूल न्यायालय पहले ही खारिज कर चुका था। इसके बावजूद आरोपियों ने जमीन को वैध बताकर सौदा किया।
संजना वर्मा का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने उन्हें चेक दिए, लेकिन दोनों चेक बैंक में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गए। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि जिस जमीन का रकबा 3120 वर्गफुट बताया गया था, उसका वास्तविक क्षेत्रफल केवल 430 वर्गफुट है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित संपत्ति को बसारत बी ने वर्ष 1970 में वक्फनामे के जरिए एक संस्था को दान कर दिया था। आरोप है कि इन महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर छिपाया गया और कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा दिखाकर 7 लाख रुपये हड़प लिए गए।
सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सभी दस्तावेजों का परीक्षण कर तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

