छत्तीसगढ़ विधानसभा में भारी हंगामा: 15 घंटे की बहस के बाद अविश्वास प्रस्ताव गिरा, सीएम बोले- “25 साल तक नहीं आएगी कांग्रेस”

रायपुर, 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस द्वारा साय सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 15 घंटे तक चली चर्चा के बाद अंततः सदन में संख्या बल के आधार पर प्रस्ताव गिर गया।
चर्चा के दौरान कांग्रेस ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं, बेरोजगारी और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए तथा सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक बताया।
अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल राजनीतिक औपचारिकता निभाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है, जबकि भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में विकास और जनकल्याण के कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं, किसानों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली और नवाचारों से कांग्रेस बौखलाई हुई है।
सीएम साय ने कांग्रेस पर आदिवासियों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गांव का आदिवासी बेटा मुख्यमंत्री बना है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा 70 से अधिक सीटें जीतेगी और कांग्रेस अगले 25 वर्षों तक सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।
मुख्यमंत्री ने जनता से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी नागरिक अपनी शिकायत सीधे दर्ज करा सकता है और सरकार पारदर्शिता के साथ उसका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बहस में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के पूर्व शासनकाल को घोटालों और झूठ की सरकार बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जनहित और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है।
करीब 15 घंटे तक चली इस बहस के बाद विधानसभा में मतदान हुआ, जिसमें भाजपा के बहुमत के चलते कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
