Bilaspur News: SS Public School के खिलाफ NSUI का हल्लाबोल, पावर का चश्मा और चूड़ियां लेकर DEO कार्यालय पहुंचा संगठन, उच्चस्तरीय जांच की मांग
बिलासपुर, 7 जुलाई 2026। शहर के एसएस पब्लिक स्कूल में कथित अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को एनएसयूआई ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीईओ को स्मरण-पत्र सौंपा और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लंबित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई तथा उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता अपने साथ पावर का चश्मा और चूड़ियां लेकर पहुंचे। इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए संगठन ने सरकार और शिक्षा विभाग पर निशाना साधा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि सरकार को निजी स्कूलों में हो रही अनियमितताएं दिखाई नहीं दे रही हैं तो उसे पावर का चश्मा पहन लेना चाहिए और यदि सब कुछ देखने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है तो चूड़ियां पहन लेनी चाहिए। इस दौरान डीईओ कार्यालय परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की गई।
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने कहा कि एसएस पब्लिक स्कूल के खिलाफ पहले भी कई बार जिला शिक्षा विभाग को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन आज तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की निष्क्रियता के कारण स्कूल प्रबंधन लगातार मनमानी कर रहा है।
ये लगाए गए गंभीर आरोप
संगठन द्वारा सौंपे गए स्मरण-पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों और अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने का दबाव बना रहा है। इतना ही नहीं, अभिभावकों को कुछ तय दुकानों से ही सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
एनएसयूआई ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में नियमों के विपरीत एकमुश्त 12 माह की फीस जमा कराई जा रही है। इसके अलावा टर्म फीस के नाम पर अतिरिक्त वार्षिक शुल्क वसूला जा रहा है तथा हर महीने 10 तारीख के बाद फीस जमा करने पर प्रतिदिन 10 रुपये विलंब शुल्क लिया जा रहा है।
मान्यता नियमों के उल्लंघन का भी आरोप
संगठन ने स्मरण-पत्र में यह भी उल्लेख किया कि विद्यालय में पर्याप्त खेल मैदान उपलब्ध नहीं है। साथ ही भवन के ऊपरी हिस्से को किराये पर दिए जाने तथा स्कूल संचालन में मान्यता संबंधी नियमों के उल्लंघन जैसी शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
मान्यता निलंबित करने की मांग
एनएसयूआई ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक आवश्यक अंतरिम कार्रवाई की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय मान्यता नियमों के तहत विद्यालय की मान्यता निलंबित अथवा निरस्त की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल डीईओ को स्मरण-पत्र सौंपकर पूरे मामले में जल्द जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

