खान सर को बड़ी राहत: पटना कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक, फायरिंग केस में मिली अंतरिम राहत
पटना, 9 जून 2026। चर्चित कोचिंग संचालक और शिक्षक फैसल खान (खान सर) को पटना के चर्चित फायरिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल पुलिस उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, खान सर की ओर से उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। यह याचिका उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर के बाद दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को साजिश का हिस्सा बताते हुए गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की, जिस पर अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान कर दी।
क्या है पूरा मामला?
2 जून को पटना के कदमकुआं इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर हिंसक झड़प, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटना हुई थी। शुरुआती तौर पर खान सर ने आरोप लगाया था कि उनके संस्थान पर हमला किया गया। बाद में सामने आए वीडियो में उनके संस्थान के दो सुरक्षा गार्डों को फायरिंग करते हुए देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह के बयान के आधार पर खान सर का नाम भी मामले में जोड़ा गया। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि फायरिंग उनके निर्देश पर की गई थी। इसी आधार पर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि खान सर और उनके वकील इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
गार्डों की जमानत पर फैसला सुरक्षित
मामले में गिरफ्तार दोनों सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पुलिस से मामले से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों गार्डों को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था।
छात्रों का प्रदर्शन जारी
इस बीच मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रंग भी ले लिया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर छात्रों ने पटना में कैंडल मार्च निकाला। फायरिंग और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद का यह मामला अब अदालत के साथ-साथ सड़कों पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल सभी की निगाहें अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस जांच की दिशा पर टिकी हुई हैं, जिससे इस बहुचर्चित मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

