CG Patwari-Revenue Inspector Suspended: मुआवजा घोटाले में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, पटवारी और RI निलंबित
सरगुजा, छत्तीसगढ़। सरगुजा जिले में फसल क्षति मुआवजा निर्धारण में गंभीर लापरवाही और अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अजीत वसंत ने कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और एक राजस्व निरीक्षक (RI) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम उरंगा-बरिमा (तहसील मैनपाट) में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के लिए किसानों को फसल क्षति मुआवजा दिया जाना था। इस मुआवजे के निर्धारण की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षक संगीता भगत और पटवारी चन्द्रदेव मिर्रे को सौंपी गई थी।

शिकायतों के बाद जब प्रशासन ने जांच कराई, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: दोनों अधिकारियों ने मूल (सेटलमेंट) रकबा से अधिक रकबा दर्ज कर दिया, मुआवजा अवधि के दौरान संबंधित भूमि का क्रय-विक्रय किया गया, ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर रिकॉर्ड अपडेट किए गए, इसके बाद मूल भूमि स्वामी के नाम पर गलत गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया | इन गड़बड़ियों से मुआवजा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं।
कलेक्टर की सख्त कार्रवाई
मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश जारी किए, प्रशासन का कहना है कि जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधितों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी, मुआवजा जैसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता अनिवार्य है, किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है
प्रशासन का सख्त संदेश
कलेक्टर की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि आम जनता और किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर अब सीधे एक्शन लिया जाएगा।











