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CG- ACB में तैनात हेड कांस्टेबल व पत्नी पर FIR का आदेश, महिला से दुर्व्यवहार मामले में कोर्ट सख्त, ये है पूरा मामला

रायगढ़, 29 मार्च 2026। पांच साल पुराने एक संवेदनशील मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस विभाग के एक प्रधान आरक्षक और उसकी पत्नी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय ने जारी किया है।

मामले के मुताबिक, प्रधान आरक्षक मुकेश त्रिपाठी और उनकी पत्नी पूनम त्रिपाठी पर एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच और धमकी देने का आरोप है। वर्तमान में मुकेश त्रिपाठी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रायपुर में पदस्थ हैं।

घटना वर्ष 2020 की बताई जा रही है, जब परिवादिनी मंजु अग्रवाल अपने पति को घर बुलाने के लिए कोतरा रोड स्थित सावित्री नगर में आरोपी के निवास पर गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उनके साथ अश्लील गाली-गलौच की और सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हुए धमकियां दीं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के बाद प्रधान आरक्षक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसी दिन पीड़िता के खिलाफ सिटी कोतवाली में मामला दर्ज करा दिया। साथ ही, पीड़िता को लगातार धमकाने और प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़िता ने उसी दिन सिटी कोतवाली में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप है। न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने अदालत में परिवाद दायर किया।

लंबी सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुनीत समीक्षा खलखो ने 12 मार्च को आदेश पारित करते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 506, 500, 511 और 34 के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने दोनों आरोपियों को 16 अप्रैल को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश भी दिया है। इस मामले में परिवादिनी की ओर से अधिवक्ता सिराजुद्दीन ने पैरवी की।

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