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Deputy Collector Suspended: शादी का झांसा, 3 बार अबॉर्शन और आर्थिक शोषण… कौन हैं डेप्युटी कलेक्टर दिलीप उइके, जिन्हें छत्तीसगढ़ सरकार ने किया निलंबित

Deputy Collector Suspended: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को एक महिला आरक्षक की शिकायत के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह प्रकरण कुछ महीने पहले बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज हुआ था। महिला ने आरोप लगाया है कि उइके ने शादी का वादा कर उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए, जबरन गर्भपात कराया और आर्थिक रूप से भी उसका शोषण किया।

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2017 में जब वह डौंडी के आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी, तभी उसकी उइके से जान-पहचान हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। महिला का कहना है कि उइके ने शादी का भरोसा देकर उससे संबंध बनाए। मार्च 2017 में गर्भवती होने पर उइके ने पढ़ाई और नौकरी का हवाला देकर शादी टाल दी और दवा देकर गर्भपात करा दिया, जिसके बाद डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके पर रेप और आर्थिक शोषण का आरोप लगा है। डौंडी थाने में मामला दर्ज होने के बाद जिला न्यायालय ने उइके की जमानत याचिका खारिज कर दी है। पीड़िता, जो कि एक महिला आरक्षक है, ने बैंक स्टेटमेंट जमा कर आर्थिक शोषण के आरोप को साबित किया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है।

शादी का झांसा देकर बनाए संबंध

महिला आरक्षक ने शिकायत में कहा है कि दिलीप उइके ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उसने यह भी आरोप लगाया कि उइके ने तीन बार जबरन उसका गर्भपात कराया और उसका आर्थिक शोषण किया। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि पीड़िता उसे ब्लैकमेल कर रही है और झूठा आरोप लगा रही है। लेकिन, अदालत ने इन दलीलों को नहीं माना।

मजिस्ट्रेट के सामने सुनाई आपबीती

पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपनी आपबीती सुनाई। न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ ने पीड़िता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी अभी भी फरार है। टीआई उमा ठाकुर ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीम भेजी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डौंडी थाने में बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कैसे मिले थे दोनों

पीड़िता के अनुसार, वह और दिलीप उइके आईटीआई में मिले थे। उइके ने उसे प्यार में फंसाया और अंडमान घुमाने के बहाने संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि दिलीप उइके ने शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में मुकर गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उइके ने उसे कई बार पीटा और जान से मारने की धमकी भी दी।

कौन हैं दिलीप कुमार उइके

2020 में दिलीप उइके का छत्तीसगढ़ पीएससी में सिलेक्शन हुआ। सिलेक्शन होने के बाद वो डेप्युटी कलेक्टर बन गए। इससे पहले, अगस्त 2017 में युवती की पुलिस विभाग में नौकरी लगी थी। युवती दिलीप उइके को पढ़ाई और बाकी खर्चों के लिए हर महीने पैसे देती थी। युवती का आरोप है कि दिलीप शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। 2020 में पीएससी में सिलेक्शन होने के बाद दिलीप की पोस्टिंग बीजापुर में हुई।

युवती का कहना है कि जब दिलीप डेप्युटी कलेक्टर बना, तो उसने अपनी उम्र 21 साल बताई थी। युवती ने दिलीप को आर्थिक मदद की थी। दिलीप उससे जब भी मिलता, शादी का वादा करता था। इसी वादे के चलते उनके बीच शारीरिक संबंध बने। अब युवती का आरोप है कि दिलीप अपने वादे से मुकर गया है।

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