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CG में 7 करोड़ का धान “चूहे खा गए”? प्रशासनिक बयान पर मचा बवाल….कलेक्टर ने सेंटर प्रभारी को किया सस्पेंड, DMO को नोटिस

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कवर्धा के धान खरीदी केंद्रों से करोड़ों रुपये का धान गायब होने का मामला सामने आया है। जांच में करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी कीमत 7 से 8 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिला विपणन अधिकारी (DMO) की ओर से धान खराब होने का कारण चूहे, कीड़े और दीमक को बताया गया, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया।


कलेक्टर सख्त, सेंटर प्रभारी निलंबित

धान घोटाले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए धान खरीदी केंद्र के प्रभारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही DMO को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि

“इतनी बड़ी मात्रा में धान का नुकसान केवल चूहे या कीड़ों से होना संभव नहीं है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।” प्रशासन अब स्टॉक रजिस्टर, परिवहन दस्तावेज और भंडारण व्यवस्था की जांच कर रहा है।

बयान और विवाद

DMO ने मीडिया में बयान दिया कि गायब/खराब धान का कारण चूहे, दीमक और खराब मौसम हैं। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तूफ़ान खड़ा कर दिया।

कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार और घोटाला है। कांग्रेस ने तंज कसा कि

“भाजपा सरकार में किसानों का धान अब चूहे नहीं, सिस्टम खा रहा है।”

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