3 फर्जी PM रिपोर्ट, 12 लाख मुआवजा…अब आरोपी डॉ. प्रियंका सोनी को हाईकोर्ट से जमानत

बिलासपुर, 10 सितंबर 2026। सर्पदंश से मौत के मामलों में कथित फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर मुआवजा दिलाने के आरोप में घिरी डॉ. प्रियंका सोनी को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की अदालत में हुई।
डॉ. प्रियंका सोनी पर तीन अलग-अलग मामलों में कथित फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। इन रिपोर्टों के आधार पर सर्पदंश से मौत के मामलों में मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये, यानी कुल 12 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई थी।
मुआवजा केस की जांच से खुला मामला
मुआवजा प्रकरणों की जांच के दौरान प्रशासन की नजर दस्तावेजों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताई गई जानकारियों पर गई। जांच में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और डॉ. प्रियंका सोनी को आरोपी बनाया गया। आरोप यह है कि जिन मौतों को सर्पदंश से जोड़कर सरकारी मुआवजा दिलाया गया, उनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भूमिका संदिग्ध रही।
हाईकोर्ट से मिली राहत, लेकिन मामला खत्म नहीं
अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद डॉ. प्रियंका सोनी को इस मामले में राहत मिली है। हालांकि जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
तीनों मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेज जांच का अहम हिस्सा हैं। अब आगे की कार्रवाई में इन्हीं तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
