निलंबित इस IPS अफसर की सेवाएं समाप्त, छापों में मिली थी 100 करोड़ की अवैध संपत्ति


चार साल से निलंबित चल रहे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी मयंक जैन की सेवाएं केंद्र सरकार ने समाप्त कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार को जैन को तीन माह के वेतन भत्तों के साथ सेवा समाप्ति का आदेश सौंपने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि राज्य सरकार ने इसी साल 3 मार्च को उन्हें अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था, जिसे भारत के गृह विभाग ने 13 अगस्त को मंजूर कर राज्य सरकार को सूचना भेज दी है । मप्र लोकायुक्त द्वारा आईजी स्तर के किसी आईपीएस अफसर के खिलाफ छापे की यह पहली कार्रवाई थी । लोकायुक्त संगठन को आईजी डॉ मयंक जैन के खिलाफ अक्टूबर 2012 में गोपनीय शिकायत मिली थी। 19 माह चली जांच के बाद बुधवार को उज्जैन लोकायुक्त ने जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
लोकायुक्त ने मई 2014 में आईजी (सामुदायिक पुलिसिंग) डॉ. मयंक जैन के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और रीवा स्थित ठिकानों पर छापा मारकर करीब 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के खुलासे का दावा किया था। टीम ने भोपाल के रिवेयरा टाउनशिप स्थित बंगले से 13 प्रॉपर्टी के दस्तावेज जब्त किए थे। 19 साल की नौकरी में जैन की कुल आय एक करोड़ 20 लाख रु होनी चाहिए थी।

मध्य प्रदेश सरकार ने इससे पहले अखिल भारतीय सेवा के चार अधिकारी अरविंद-टीनू जोशी, एमके सिंह और शशि कर्णावत को पूर्व में ही सेवा से अलग किया जा चुका है। 1995 बैच के सात अधिकारियों में जैन तीसरे क्रम पर थे। लोकायुक्त छापे के बाद उन्हें 31 मई, 2014 को निलंबित कर दिया था ।

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