LIVE UPDATE

कौशल विकास से बढेंगी रोजगार की संभावनाएं : पाण्डेय

बिलासपुर. करीब दस साल पहले 2006  में यूनिवर्सिटी का जन्म हुआ, शहर से 30  किमी ग्रामीण इलाके में स्थापित सी वी रामन यूनिवर्सिटी को खोलना और स्थापित करना एक संकल्प की कहा जा सकता हैं | इसी सम्बन्ध में सीजीन्यूज़ 24 की टीम ने यूनिवर्सिटी के रजिस्टार शैलेष पाण्डेय से बातचीत कर इन 10 सालों के सफर से रूबरू होते हैं –

– सी वी रामन यूनिवर्सिटी की स्थापना कैसे हुई, कब से विश्वविद्यालय का संचालन हो रहा है ?

ये खबर भी पढ़ें…
रायपुरवासियों के लिए जरूरी खबर: इस दिन शहर के 42 टंकियों से नहीं मिलेगा पानी, शाम की जलापूर्ति रहेगी प्रभावित
रायपुरवासियों के लिए जरूरी खबर: इस दिन शहर के 42 टंकियों से नहीं मिलेगा पानी, शाम की जलापूर्ति रहेगी प्रभावित
June 8, 2026
रायपुर, 08 जून 2026। राजधानी रायपुर के हजारों नागरिकों को 11 जून को पानी की समस्या का सामना करना पड़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

~ इस देश में यह संस्था 30 – 35  वर्ष पुरानी है, संस्था ग्रामीण क्षेत्र  में ही एजुकेशन को महत्व देती आ रही है | संस्था ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की आवश्यकता को बहुत अच्छे से समझती है | आज देश के ग्रामीण क्षेत्र में ही विश्वविद्यालय  की ज्यादा जरुरत है, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय शहरी क्षेत्रों में ही सीमित है, ग्रामीण क्षेत्रो में बिलकुल भी ही नहीं है | इसी को देखते हुए नवम्बर 2006  में बिलासपुर से 30 किमी दूर कोटा जैसे ग्रामीण इलाके में डॉ सी वी रामन यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई |

– मेरा अनुभव है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले  विद्यार्थियों की पारिवारिक पृष्टभूमि किसान ही होगी, ग्रामीण छात्र ही पढाई करते होंगे |

ये खबर भी पढ़ें…
सुशासन तिहार 2026- पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं; पूर्व के घोर नक्सल प्रभावित गांव में लगा सुशासन शिविर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
सुशासन तिहार 2026- पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं; पूर्व के घोर नक्सल प्रभावित गांव में लगा सुशासन शिविर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
June 8, 2026
रायपुर, 08 जून 2026/ सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ और कभी नक्सल प्रभावित रहे ग्राम पुवर्ती में आयोजित...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

~ बिलकुल ठीक कहा, हमारे विश्वविद्यालय का उद्देश्य ही ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देना है | हमारे विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं  में किसी के पिता किसान है, कोई दैनिक वेतनभोगी में काम करता है | कोई सब्जी वाले का बच्चा है तो वही कोई आईएएस का बच्चा पढ़ाई करता है | हमारे विश्वविद्यालय में तखतपुर, बेलगहना, रतनपुर, मुंगेली, कोटा सहित अन्य जिलो के बच्चे पढाई करते है |

– शुरुवात में छात्रों की संख्या कितनी थी और आज कितनी हो गई है ?

ये खबर भी पढ़ें…
SECL की बड़ी पहल: बिलासपुर में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ, 200 केंद्र होंगे आधुनिक
SECL की बड़ी पहल: बिलासपुर में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ, 200 केंद्र होंगे आधुनिक
June 8, 2026
बिलासपुर, 8 जून 2026। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत बच्चों के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

~ मुझे बहुत अच्छे से याद है कि जब विश्वविद्यालय का पहला साल था तो 478 स्टूडेंट्स ही पढ़ाई करते थे, और तब विश्वविद्यालय में सिर्फ 5 विभाग ही हुआ करता था | पिछले 10 वर्षो में विश्वविद्यालय ने 8 से 10 गुना डेवलपमेंट किया है, आज विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स की संख्या 60 हजार पहुँच चुकी है, वहीँ विभाग 33 हो गए हैं | इन 10 वर्षो में विश्वविद्यालय ने लाइब्रेरी, इम्फ्राइनस्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टिंग सहित कई सेक्टर पर विशेष काम किया है |

– ग्रामीण किसानों की आमदनी निश्चित नहीँ होती है ऐसे में स्टूडेंट्स से फीस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता होगा |

~ निश्चित ही विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने वाले अधिकांश बच्चे किसान व ग्रामीण इलाके के है, ऐसे में उनका फीस की राशि खेती पर निर्भर होती है | खेती अच्छे होने पर बच्चे  फीस समय से दे देते हैं, लेकिन खेती अच्छी नहीं होने स्टूडेंट्स छूट की एप्लिकेशन लेकर पहुँचने लगते है, विवि ऐसे स्टूडेंट्स की पहचान कर निश्चित तौर पर उन्हें छूट प्रदान करती है |

– विश्वविद्यालय के शुरुवाती दिनों में स्टूडेंट्स के मन में विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिजल्ट को लेकर सन्देह रही होगी, ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा होगा |

~ जब विश्वविद्यालय की स्थापना नवम्बर 2006 में हुई, उस समय प्रदेश में प्राइवेट यूनिवर्सिटी की डिमांड बहुत जादा थी, प्रदेश को शिक्षा की जरुरत थी | ऐसे में यदि विश्वविद्यालय सरकार बनाती तो उसमें समय लगता |  इसे देखते हुए प्राइवेट सेक्टर में विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया |  सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन ने प्राइवेट विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति प्रदान की थी | सी वी रामन यूनिवर्सिटी के स्थापना के बाद निश्चित ही विवि की विश्वसनीयता की कमी थी, स्टूडेंट सोचते थे कि विवि की डिग्री मान्य होगी या नहीँ? लेकिन विवि लगातार यूजीसी, छत्तीसगढ़ शासन और आयोग के नीतिनिर्धारण के अनुरूप कार्य करते चली गई, उसी का परिणाम आज सामने है |

– विश्वविद्यालय में डिस्टेंस एजुकेशन को लेकर काफी रूचि दिखाई गई, डिस्टेंस एजुकेशन को महत्व दिया जा रहा है ?

~ डिस्टेंस एजुकेशन की जरुरत उसी को होती है, जो पढ़ाई नहीँ कर पाते हैं, जिनके आस-पास महाविद्यालय नहीँ होता, जो नौकरी कर रहे होते हैं या फिर घरेलू काम में होते है | इनके अनुरूप ही डिस्टेंस एजुकेशन का पाठ्यक्रम तैयार किया जाता है | विवि को वर्ष 2009 से यूजीसी, छत्तीसगढ़ शासन व आयोग से मान्यता प्राप्त है | छत्तीसगढ़ में ट्राइबल और डेन्स फारेस्ट ज्यादा हैं, पिछड़ा पन है, जिसके चलते प्रदेश में डिस्टेंस पाठ्यक्रम का डिमांड अधिक है |   2009 से 2013 तक इन्स्टीयूशनल मान्यता थी, 2013 के बाद पाठ्यक्रम की मान्यता मिल गई है | जिसके बाद विवि डिस्टेंस के स्टूडेंट को नीति निर्धारण के अनुरूप करके असाइमेंट्स,टीचर, बुक उपलब्ध कराती हैं,  समय पर  रिजल्ट की घोषणा कर दी जाती है |

– विवि स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रही हैं, स्किल डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट बनाई गई हैं ?

~ हमारा उद्देश्य केवल सी वी रामन यूनिवर्सिटी के बच्चों को ही कौशल से दक्ष बनाना नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के 530 महाविद्यालय के 5 लाख स्टूडेंट्स को दक्ष बनाने का लक्ष्य हैं , जॉब ओरिएंटेड ट्रेनिंग देने का लक्ष्य हैं | स्किल स्टूडेंट को इंड्रस्टी प्राथमिकता देती हैं | विवि भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन की उद्देश्य को समर्पित भाव से आगे बढ़ा रही हैं |

– स्टूडेंट्स में एम्प्लॉयमेंट, प्लेसमेंट की चुनौती बनी रहती हैं, इस समस्या का सामना कैसे करते हैं ?

~ मुझे बहुत अच्छे से याद हैं कुछ साल पहले तक बच्चे पढ़ाई करने बहार जाते थे, लेकिन अब छत्तीसगढ़ के अंदर ही शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म बन गया हैं | इसके साथ ही अब प्रदेश में इंड्रस्टी, निवेशक आकर निवेश कर करे हैं, हर सेक्टर में निवेशक आ रहे हैं, जॉब सेक्टर बढ़ रहे हैं| शिक्षा, लॉ और आईटी के सेक्टर में बच्चों को 100 फीसदी एम्प्लॉमेंट मिल रहा हैं |

– डॉ सी वी रामन यूनिवर्सिटी की निकट भविष्य की क्या योजनाएं हैं ?

~ रिसर्च के सेक्टर पर यूनिवर्सिटी काम कर रही हैं, अचानकमार, अमरकंटक से हर्बल प्रोडक्ट विश्व भर में निर्यात किये जा रहे हैं, विवि भी एक मेडिशनल हर्बल नर्सरी तैयार कर रही हैं | संस्था ने १४ करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दे दी हैं, 7  एकड़ जमीन की स्वीकृति भी मिल गई हैं, करीब दो करोड़ के प्रोडक्ट भी आ चुके हैं | इससे स्टूडेंट्स को विज्ञानं के क्षेत्र में जुड़ने का मौका मिलेगा, इसके लिए विवि में लैब भी तैयार कर लिया गया हैं |

cgnews24 Team

CG CGNews24 एडिटोरियल टीम डेस्क रिपोर्टिंग • ब्रेकिंग न्यूज़ • खेल एवं राजनीति CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों, उत्साही लेखकों और खेल विशेषज्ञों का एक समर्पित समूह है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं और खेल जगत (विशेषकर क्रिकेट और प्रमुख टूर्नामेंट्स) की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज आप तक पहुँचाना है। हम 24x7 काम करते हैं ताकि कोई भी अहम खबर आपसे छूट न जाए। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *