TS सिंहदेव का बड़ा बयान ; बोले – मुझे हराने के लिए रचा गया था चक्रव्यूह…नहीं बन सका अभिमन्यू’, TS का इशारा किस पर?


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है, कई दिग्गज नेता भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। पिछले चुनाव में 14 में 14 सीट कांग्रेस के झोली में आने सरगुजा क्षेत्र में पार्टी का खाता भी नहीं खुला। सरगुजा क्षेत्र में पार्टी की हार की जिम्मेदारी पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने ली है।

दरअसल, चुनाव में हार की समीक्षा बैठक बुधवार को पार्टी ने बुलाई थी। इस बैठक में टीएस सिंहदेव ने कहा- परिणाम अप्रत्याशित हैं। सरगुजा और बस्तर की 26 सीटों में हम सिर्फ चार सीट जीत पाए, जबकि मैदानी क्षेत्रों आदिवासियों के लिए आरक्षित 9 में से 7 सीट कांग्रेस पार्टी जीती है। यह कहना ठीक नहीं होगा कि आदिवासियों का समर्थन कांग्रेस को नहीं मिला।

मैं अभिमन्यु नहीं बन सका: बाबा 

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बघेल सरकार के कई मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है. इसमें डिप्टी सीएम रहे टीएस सिंहदेव भी शामिल हैं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे हराने के लिए चक्रव्यूह रचा गया. लेकिन मैं इसे जानते हुए भी अभिमन्यु नहीं बन सका । उन्होंने कहा कि बस्तर की परिस्थिति दूसरी थी, वहां अल्पसंख्यक समुदाय कांग्रेस से नाराज था। जातीय संघर्ष को लेकर उपजे हालात में उन्हें कांग्रेस सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। सिंहदेव ने कहा कि दिल्ली में चुनाव से पहले हुई कोर कमेटी की बैठक में मैंने इस बात को रखा था। सरगुजा में दूसरी परिस्थिति थी। पिछले चुनाव में सरगुजिया सरकार को लेकर लोगों में जो उत्साह था। वह इस बार नहीं देखा गया। हराने के लिए चक्रव्यूह रचा जा रहा था। जानते हुए भी मैं अभिमन्यू नहीं बन सका। यह मेरी कमी है।

पटाना होगा जीत का अंतर 

उन्होंने कहा- “जो जितने बड़े पद पर है उसकी जिम्मेदारी उतनी ही ज्यादा है। पिछला सब भूल कर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए काम करना है। आठ विधानसभा मे हम करीब 1 लाख 73 हजार 400 वोट से पीछे रहे हैं। लोकसभा चुनाव में इस अंतर को पाट कर जीत हासिल करने के लिए प्रयास करना होगा।”

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

उन्होंने कहा कि अंबिकापुर ग्रामीण में हम पिछड़ गए, उदयपुर ने संभाला लेकिन थोड़े अंतर से चूक गए। उन्होंने कहा कि अब मैं हारकर मैदान नहीं छोड़ सकता हूं। अगर मैं इस बार जीत जाता तो किसी भी नहीं सुनता और अगली पीढ़ी के लिए जगह छोड़ देता मगर अब जब तक आप लोग चाहेंगे आपके साथ रहूंगा। परिणाम अप्रत्याशित था।

दो सीटों पर जीत पक्की थी

टीएस सिंहदेव ने कहा- अंबिकापुर और सीतापुर में कांग्रेस की जीत को लेकर हम निश्चिंत थे। लुंड्रा में संशय था। सीतापुर में अमरजीत भगत खूब मेहनत की थी। उन्होंने कहा कांग्रेस धर्म निरपेक्ष पार्टी है। हमे उसके सिद्धान्त से समझौता नहीं करना है।

 

 

होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp