भारत में बने पहले C-295 विमान ने भरी सफल उड़ान, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मिली नई रफ्तार

नई दिल्ली, 11 जून 2026. भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश में असेंबल किए गए पहले C-295 सैन्य परिवहन विमान ने अपनी पहली सफल परीक्षण उड़ान पूरी कर ली है। इस उपलब्धि को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
वायुसेना की बड़ी उपलब्धि
भारतीय वायु सेना ने इस सफलता पर परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को बधाई दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक विमान की उड़ान नहीं, बल्कि देश की रक्षा निर्माण क्षमता में आए बड़े बदलाव का संकेत है।
21,935 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना
इस परियोजना के तहत भारतीय वायुसेना को कुल 56 C-295 विमान मिलने हैं। इनमें से 16 विमान सीधे एयरबस से प्राप्त किए जा रहे हैं, जबकि शेष 40 विमानों का निर्माण और असेंबली भारत में की जा रही है।
वडोदरा में बन रहा है ‘मेक इन इंडिया’ हब
इन विमानों का निर्माण गुजरात के वडोदरा स्थित उत्पादन केंद्र में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और एयरबस की साझेदारी में किया जा रहा है। यह पहली बार है जब इस श्रेणी के आधुनिक सैन्य परिवहन विमान का निर्माण भारत में हो रहा है।
क्यों खास है C-295 विमान?
C-295 विमान को भारतीय वायुसेना के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है। यह दुर्गम इलाकों, सीमावर्ती क्षेत्रों और आपातकालीन परिस्थितियों में सैनिकों, हथियारों और जरूरी सामग्री को तेजी से पहुंचाने में सक्षम है। इससे वायुसेना की रणनीतिक और लॉजिस्टिक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे न केवल देश की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भारत वैश्विक रक्षा निर्माण बाजार में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।
