बिलासपुर में आस्था का महासागर: रामभक्ति ने रचा इतिहास, हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) — शहर रामभक्ति की लहर में डूब गया जब रविवार को आयोजित विशाल महाकलश यात्रा ने धार्मिक उत्साह और आस्था का अनोखा चित्र प्रस्तुत किया। यह आयोजन श्रीराम कथा कार्यक्रम के लिए हुआ और इसे छत्तीसगढ़ अंचल की अब तक की सबसे बड़ी भक्ति यात्रा बताया जा रहा है।

शहर के प्रमुख मार्गों से शुरू हुई महाकलश यात्रा की शुरुआत श्री जगन्नाथ मंगलम से हुई और यह लाल बहादुर शास्त्री स्कूल प्रांगण स्थित कथा स्थल तक पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, “जय श्रीराम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
खास बात यह रही कि 15,000 से अधिक महिलाओं ने एक ही रंग की साड़ियाँ पहने और पूरे अनुशासन के साथ कलश उठाकर यात्रा में शामिल हुईं, जिससे दृश्य और भी प्रभावशाली बन गया। आयोजन समिति का कहना है कि इस तरह की महाकलश यात्रा इतिहास में शायद ही पहले किसी धार्मिक आयोजन में देखी गई हो।

शहर के कई चौक, बाजार और मार्ग पर भक्ति की गूंज सुनाई दी और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं के मन मोह लिए। आयोजन के मुख्य संरक्षक बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने यात्रा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि रामभक्ति केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जीवन में राम तत्व को आत्मसात करने का मार्ग है।
इस भव्य महाकलश यात्रा में अनेक गणमान्य नागरिक तथा राम कथा आयोजन समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे, जबकि पूरे शहर में रामनाम और भक्ति की ऊर्जा का अनुभव किया गया।









