Trending

‘पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ में खत्म हुआ नक्सलवाद…’, गृह मंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान


Naxal Surrender: नक्सल खात्मे की डेडलाइन के पहले आज छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में टॉप नक्सल कमांडर पापाराव का सरेंडर करने जा रहा है. वहीं पापराव 12 साथियों के साथ हथियार डालेगा. इसे लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि- पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म हुआ.

पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ में खत्म हुआ नक्सलवाद – विजय शर्मा

गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि नक्सली पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म हुआ. अब छत्तीसगढ़ में एक भी नक्सली नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि पापा राव ढाई दशक से जंगल में सक्रिय रहे. कई मुठभेड़ में रहे लेकिन गायब हो जाते थे. पापा राव पर 25 लाख का इनाम है. मेरी उनसे बातचीत हुई है. उनका मनोभाव बदल चुका है. आज पुनर्वास कर रहे है. डीकेएसजेडसी का कोई भी सक्रिय नक्सली नहीं है. डिवीज़न कमेटी के भी नहीं है. एरिया कमेटी के नक्सली होंगे. 40-45 नक्सली बचे होने की संभावना है. लेकिन इन नक्सलियों ने भी वर्दी छोड़ दी है. 7 दिन का समय बचा है और लोग भी पुनर्वास करेंगे.

नक्सल कमांडर पापाराव का सरेंडर

दरअसल, लाल आतंक का बड़ा चेहरा रहा पापा राव आज सरेंडर कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में उसके बीजापुर पहुंचने की संभावना है, जहां वह अपने 12 साथियों के साथ AK-47 समेत कई अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर करेगा. उसके बाद उसे जगदलपुर ले जाया जाएगा.

कौन है पापाराव?

  • पापाराव छत्‍तीसगढ़ में खौफ का दूसरा नाम था.
  • पापाराव पर 25 लाख रूपये का इनाम है.
  • इसका पूरा नाम सुन्नम पापाराव है.
  • मंगू दादा ऊर्फ चंन्द्रन्ना के नाम से भी मशहूर है.
  • छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है.
  • स्पेशल जोनल कमेटी (DSZC) का सदस्य है.
  • पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज है.
  • दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है.
  • वो अपने साथ AK-47 रखता है.
  • 30-40 नक्सलियों को साथ लेकर चलता है.

cgnews24 Team

CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों और उत्साही लेखकों का एक समर्पित समूह। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज 24x7 आप तक पहुँचाना है। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें
होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp