न कार से एंट्री, न मीटिंग में मोबाइल… स्मृति ईरानी ने पहली बैठक में लागू किया सख्त प्रोटोकॉल, मंत्रियों को पैदल जाना पड़ा

CGNews24/रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी अपने पहले दौरे में ही संगठनात्मक अनुशासन और सादगी पर जोर देती नजर आईं। रायपुर पहुंचते ही पार्टी कार्यालय में बैठकों के लिए तय व्यवस्थाओं ने सबका ध्यान खींचा। मंत्रियों के काफिलों को कार्यालय के बाहर रोक दिया गया, नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन बैठक से पहले जमा कराए गए और प्रवेश केवल निर्धारित सूची में शामिल लोगों को दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रियों को अपनी गाड़ियों से उतरकर पैदल भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रवेश करना पड़ा। स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे में सत्ता और संगठन के कामकाज की समीक्षा के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा होनी है।
एयरपोर्ट पर भी दिखी सादगी, सीमित नेताओं को बुलावा
स्मृति ईरानी के स्वागत के लिए रायपुर एयरपोर्ट पर संगठन की ओर से नामित 16 पदाधिकारी और विधायक पहुंचे। स्वागत में न ढोल-ताशे बजाए गए और न ही मंत्रियों का जमावड़ा लगाया गया। प्रस्तावित बाइक रैली भी स्थगित कर दी गई।
इसके बाद स्मृति ईरानी भाजपा कार्यालय पहुंचीं। रिपोर्ट के अनुसार, कार्यालय परिसर में तैनात अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा भी हटाई गई। पूरे कार्यक्रम में सीमित लोगों की मौजूदगी और तय व्यवस्था पर जोर रहा।
गेट पर रोके गए मंत्रियों के काफिले, फोन भी जमा
भाजपा प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की बैठक के दौरान वाहनों को भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को मुख्य गेट पर रोका गया। इसके बाद उन्हें गाड़ी से उतरकर पैदल कार्यालय जाना पड़ा। अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के काफिलों को भी बाहर ही रोकने की जानकारी सामने आई है।
बैठक के दौरान मोबाइल फोन बाहर जमा कराए गए। प्रवेश के लिए सूची निर्धारित थी और जिन पदाधिकारियों के नाम उसमें शामिल नहीं थे, उन्हें वापस लौटना पड़ा।
इन व्यवस्थाओं को स्मृति ईरानी के पहले दौरे में संगठनात्मक अनुशासन और निर्धारित प्रक्रिया पर जोर देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात, ‘मन की बात’ में भी हुईं शामिल
भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्मृति ईरानी की मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ सुनने के लिए अभनपुर पहुंचे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे।
स्मृति ईरानी के दौरे में संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें रखी गई हैं। इसका उद्देश्य संगठन की गतिविधियों, जिला स्तर की स्थिति और आगे की तैयारियों पर फीडबैक लेना है।
दो दिन में 12 बैठकें, मंत्रियों के कामकाज पर भी नजर
स्मृति ईरानी और सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के दो दिवसीय दौरे में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ बैठकें निर्धारित हैं।
दौरे के दूसरे दिन मंत्रियों के साथ चर्चा में उनके विभागों के कामकाज और उपलब्धियों का फीडबैक लेने की भी योजना बताई गई है। इसके अलावा निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों के साथ भी समीक्षा बैठक प्रस्तावित है।
भाजपा की हारी हुई 36 सीटें भी रहेंगी चर्चा में
स्मृति ईरानी के दौरे की एक अहम पृष्ठभूमि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हारी हुई 36 सीटें हैं। इन सीटों की जमीनी स्थिति, संगठन की सक्रियता और आगामी चुनावों की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है।
हालांकि, बैठकों में किन मुद्दों पर अंतिम निर्णय हुआ और मंत्रियों या संगठन के पदाधिकारियों को लेकर क्या निष्कर्ष निकले, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
स्मृति ईरानी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भाजपा संगठन राज्य में सरकार के कामकाज और जमीनी संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रहा है। आने वाली बैठकों से यह स्पष्ट होगा कि संगठनात्मक समीक्षा के बाद किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।
