Hathras Satsang Stampede Live Update: लाशों के ढेर, रोते-बिलखते परिजन, कौन जिम्मेदार? हाथरस में 121 लोगों की मौत, सत्संग वाले ‘भोले बाबा’ फरार, CM योगी ने हाथरस अस्पताल में घायलों से मुलाकात की


Hathras Satsang Stampede Live Update: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें 114 महिलाएं-बच्चे और 7 पुरुष शामिल है, पुलिस ने इस मामले में आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, हादसे के बाद से सत्संग वाले ‘भोले बाबा’ फरार है, मंगलवार की रात को पुलिस बाबा भोले की तलाश में मैनपुरी स्थित उनके आश्रम भी पहुंची लेकिन वो नहीं मिले,

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए,

Hathras Satsang Stampede Live Update: मिली जानकारी के अनुसार आयोजनकर्ताओं ने 80 हजार की भीड़ के लिए अनुमति मांगी थी, और तय मानकों के अनुसार व्यवस्था करनी चाहिए था जो नहीं किया गया जिनकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ ,

ये कुछ कारण बताये जा रहे है हादसे के

आयोजकों द्वारा एग्जिट और एंट्री पॉइंट नहीं बनाया गया था

मार्किंग करके पाइंट्स बनाए जाते हैं. लेकिन कहीं मार्किंग नजर नहीं आई.

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इमरजेंसी रास्ता नहीं बनाया गया.

80 हजार लोगों के हिसाब से मेडिकल टीम नहीं थी.

मेडिकल टीम थी भी या नहीं, यह भी जांच का विषय है.

कम से कम 5 एंबुलेंस होनी चाहिए थीं, जो नहीं थीं.

भीड़ के हिसाब से कूलर और पंखे की व्यवस्था नहीं थी.

भीड़ के हिसाब से वॉलंटियर कम थे.

प्रशासन की तरफ से फोर्स भी ना के बराबर लगाई गई थी.

खाने पीने का उचित इंतजाम नहीं था.

जिस रास्ते से बाबा का काफिला गुजरा उस पर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी.

आयोजकों ने जो अनुमति ली, उसमें सभी बातों का जिक्र नहीं था.

पुलिस ने इस मामले में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर समेत अन्य अज्ञात आयोजकों और सेवादारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में दर्ज मामला कर लिया है. इसके साथ ही इन पर हादसे के सबूतों को छिपाने की धाराएं भी लगाई गई हैं. एफआईआर में जो बात सामने आई है उसके मुताबिक सेवादारों ने सबूतों को छिपाने के लिए लोगों की चप्पलें तक फेंक दीं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए.

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