ED की बड़ी कार्रवाई: सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की संपत्तियां अटैच

रायपुर, 11 जनवरी 2025। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की कुल 8 अचल संपत्तियों को अटैच किया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 2.66 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ED के अनुसार, ये संपत्तियां कोल लेवी घोटाले से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थीं। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने काले धन को खपाने के लिए संपत्तियां अपने और परिजनों के नाम पर खरीदीं, ताकि असली स्रोत छिपाया जा सके।

क्या है कोल लेवी घोटाला
ED की जांच में सामने आया है कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों से अवैध रूप से प्रति टन कोयले पर लेवी वसूली गई। इस अवैध वसूली से सैकड़ों करोड़ रुपये का काला धन इकट्ठा किया गया, जिसका इस्तेमाल रिश्वत, चुनावी खर्च और संपत्ति खरीदने में किया गया।

अब तक की कार्रवाई
इस मामले में ED अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और विशेष अदालत में अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे घोटाले में अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों का पता लगाया जा चुका है और आगे भी जांच जारी है।

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