CG-कांग्रेस विधायकों की बड़ी बैठक: राज्यसभा चुनाव के लिए आया B-फॉर्म, कल बैठक में तय हो जाएगा प्रत्याशी का नाम
रायपुर, 2 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने चुनावी तैयारी को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी को राज्यसभा चुनाव के लिए अधिकृत B-फॉर्म प्राप्त हो चुका है, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
सूत्रों के अनुसार, B-फॉर्म मिलने के साथ ही यह संकेत मिल गया है कि पार्टी अपने अधिकृत प्रत्याशी के नामांकन की प्रक्रिया जल्द पूरी करेगी। इसी सिलसिले में सभी कांग्रेस विधायकों को रायपुर में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा सकें।
नामांकन की प्रक्रिया तय
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित है। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। यदि एक से अधिक प्रत्याशी मैदान में उतरते हैं तो 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा।
स्थानीय बनाम बाहरी चेहरे पर चर्चा
बैठक के दौरान संभावित प्रत्याशी को लेकर भी चर्चा तेज है। पार्टी के भीतर इस बात पर मंथन जारी है कि राज्यसभा के लिए स्थानीय नेता को मौका दिया जाए या किसी बड़े चेहरे को मैदान में उतारा जाए। कुछ विधायकों ने स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देने की वकालत की है, ताकि प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूती मिल सके।
सियासी गणित पर नजर
छत्तीसगढ़ से इस बार दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। ऐसे में पार्टी रणनीतिक तरीके से अपने प्रत्याशी की घोषणा करने की तैयारी में है।
प्रदेश की राजनीति में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। आने वाले कुछ दिनों में कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है, जिससे राज्यसभा चुनाव की तस्वीर और साफ हो जाएगी।
नामों पर मंथन तेज, स्थानीय चेहरे की मांग
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर गहन मंथन जारी है। पार्टी को अधिकृत बी-फॉर्म मिल चुका है और औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं, लेकिन प्रत्याशी के नाम पर अब तक अंतिम मुहर नहीं लग सकी है।
सूत्रों के अनुसार, संभावित दावेदारों में बड़े नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव के नामों पर विचार चल रहा है, हालांकि अब तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। वहीं आदिवासी नेतृत्व को प्रतिनिधित्व देने की चर्चा के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत के नाम भी सामने आए हैं। ओबीसी वर्ग से किरणमयी नायक का नाम चर्चा में है, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधित्व के लिए शिव डहरिया को संभावित दावेदार माना जा रहा है।
प्रदेश के अधिकांश नेताओं की राय है कि राज्यसभा के लिए उम्मीदवार स्थानीय होना चाहिए। इसी आधार पर विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। कांग्रेस के कुछ विधायकों ने बैठक में बाहरी प्रत्याशी उतारे जाने का विरोध भी जताया। उनका तर्क था कि दूसरे राज्य से उम्मीदवार लाने से प्रदेश संगठन को अपेक्षित लाभ नहीं मिलता।
एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि स्थानीय कांग्रेसी को राज्यसभा भेजा जाता है तो इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ता है और संगठन मजबूत होता है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान के निर्देश पर ही निर्भर करेगा।










