बिलासपुर का चर्चित निखिल गोस्वामी हत्याकांड सुलझा: शक के चलते बाउंसर की पत्थर से कुचलकर हुई थी हत्या, MP से 4 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर/कोटा। बिलासपुर जिले के चर्चित निखिल गोस्वामी हत्याकांड में कोटा पुलिस और साइबर सेल को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने वारदात के महज 6 दिनों के भीतर अंधकत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए फरार चल रहे सभी चार आरोपियों को पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े जाने के डर से आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन साइबर सेल की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।
अवैध संबंध का शक और खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह बेहद चौंकाने वाला है। 27 वर्षीय निखिल गोस्वामी की हत्या का मुख्य सूत्रधार दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी है। भोला दास को शक था कि उसकी पत्नी के साथ निखिल के अवैध संबंध हैं। इसी शक की आग में झुलसते हुए उसने निखिल को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली और अपने तीन दोस्तों को भी इस वारदात में शामिल कर लिया।
आँखों में झोंकी मिर्च, फिर पत्थर से कुचला सिर
जांच में सामने आया कि मृतक निखिल गोस्वामी मजबूत कद-काठी का था और बाउंसर के रूप में काम करता था। आरोपियों को पता था कि सीधे मुकाबले में निखिल को काबू करना नामुमकिन है। इसलिए उन्होंने बकायदा प्लानिंग की। वारदात के वक्त आरोपियों ने सबसे पहले निखिल की आंखों में लाल मिर्च का पाउडर झोंक दिया। जब निखिल बेबस हो गया, तब आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला किया और पत्थर से सिर कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
बाउंसर के साथ वकील भी था मृतक
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में एक और अहम पहलू सामने आया है। मृतक निखिल सिर्फ बाउंसर ही नहीं था, बल्कि वह पेशे से एक वकील (एडवोकेट) भी था। दिलचस्प बात यह है कि मुख्य आरोपी भोला दास के ही कुछ पुराने मामलों की कोर्ट में पैरवी खुद निखिल कर रहा था।
एक फोन कॉल और MP के जंगलों में ‘द लेडी सिंघम’ की टीम की दबिश
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी छत्तीसगढ़ की सीमा लांघकर मध्यप्रदेश भाग गए थे। फरारी के दौरान एक आरोपी ने अपने किसी रिश्तेदार को फोन लगा दिया। बस यही एक चूक आरोपियों पर भारी पड़ गई।
एसीसीयू (ACCU) और साइबर सेल ने तत्काल उस कॉल को ट्रेस किया, जिससे उनकी लोकेशन मध्य प्रदेश के मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र (जंगल और ग्रामीण इलाका) में मिली। कोटा पुलिस और सायबर की संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए वहां दबिश दी और घेराबंदी कर चारों को दबोच लिया।
ये हैं सलाखों के पीछे पहुंचे चारों कातिल:
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दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी (26 वर्ष) – निवासी: ग्राम भुंडा (मुख्य आरोपी)
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निखिल राव उर्फ निक्कू (24 वर्ष) – निवासी: देवनगर, कोनी
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करण दास मानिकपुरी (24 वर्ष) – निवासी: देवनगर, कोनी
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कुश साहू उर्फ बुतरू (26 वर्ष) – निवासी: तेलियापुराण, भरारी
टीम को मिली शाबाशी, आरोपी भेजे गए जेल
कोटा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कागजी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 6 दिनों में सुलझाने में प्रशिक्षु डीएसपी आकाश चौधरी, कोटा थाना प्रभारी, एसीसीयू (ACCU) और साइबर सेल की टीम ने बेहद सराहनीय भूमिका निभाई। एसपी बिलासपुर ने भी पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई की पीठ थपथपाई है।

