BIG Breaking : प्रदेश के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन का निधन, अंबेडकर अस्पताल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस, प्रदेश में शोक की लहर


प्रदेश के राज्यपाल बलरामदास टंडन नहीं रहे, उनका निधन 91 वर्ष के आयु में राजधानी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में हुआ | आज सुबह करीब आठ बजे दिल का दौरा पड़ने के बाद  था, जिसके बाद उन्हें तत्काल पर एंबुलेंस से अस्पताल रवाना किया गया । दिल का दौरा पड़ने के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया |

राज्यपाल बलरामजी दास टंडन का जन्म एक नवंबर 1927 को अमृतसर पंजाब में हुआ । उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की । इसके बाद वे निरन्तर सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे । वे कुश्ती, व्हालीबॉल, तैराकी और कबड्डी के सक्रिय खिलाड़ी रहे । पंजाब के अमृतसर से पार्षद के रूप में राजनीतिक सफर शुरू करने वाले बलरामजी दास टंडन छह बार विधायक रहे और पंजाब के  कैबिनेट मिनिस्टर भी रहे । कुश्ती, वॉलीबॉल, तैराकी और कबड्डी के सक्रिय खिलाड़ी रहे, बलरामजी दास टंडन ने 18 जुलाई 2014 को उन्होंने छत्तीसगढ़ में राज्यपाल पद की शपथ ली थी ।
बलराम दास टंडन 25 जुलाई 2014 से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पर हैं।  टंडन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और पंजाब से भाजपा के नेता भी रह चुके हैं।  वह 1969-70 के दौरान अकाली दल-जन संघ मंत्रालय में पंजाब के उपमुख्यमंत्री थे। उन्होंने 1977-79 में और 1997-2002 में प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में मंत्रालयों में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया । टंडन 1951 में जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे और 1951 से 1957 तक पंजाब जनसंघ के सचिव और 1995-97 से पंजाब भाजपा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया । वह 1960, 1962, 1967, 1969 और 1977 में अमृतसर से पंजाब विधान सभा के लिए चुने गए और 1997 में राजपुरा से चुने गए । वे 1975 में आपातकाल के दौरान जेल भी गए।

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