‘आज चुनाव हुए तो इनोवा में बैठकर जाएंगे विधायक!’ भूपेश बघेल का बड़ा हमला, भर्ती से बिजली तक साय सरकार को घेरा

CG Politics: पूर्व मुख्यमंत्री ने महंगाई, बेरोजगारी और सड़कों की हालत पर उठाए सवाल; सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। महंगाई, बेरोजगारी, बिजली कटौती और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा। बघेल ने दावा किया कि प्रदेश में सत्ता विरोधी माहौल बन रहा है। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि आज चुनाव हो जाएं तो सत्ताधारी विधायकों की स्थिति ऐसी होगी कि उन्हें इनोवा में बैठकर जाना पड़ेगा।
बघेल के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में सरकार के कामकाज और जनता के बीच उसके प्रति रुझान को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि, सत्ता विरोधी लहर को लेकर उनका दावा राजनीतिक आकलन है, जिसकी पुष्टि किसी चुनावी नतीजे से फिलहाल नहीं की जा सकती।
भर्ती के मुद्दे पर सरकार से सीधे सवाल
भूपेश बघेल ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा में कथित गलत उत्तरों और चयन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं तो सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
उन्होंने पुलिस भर्ती और लोक निर्माण विभाग (PWD) की भर्ती प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। बघेल ने सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है, तो शिकायतों की जांच कराने में पीछे नहीं हटना चाहिए।
इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और संबंधित भर्तियों की जांच की स्थिति अलग से देखना जरूरी है। आरोपों को जांच में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
बिजली कटौती और महंगाई पर भी घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बिजली कटौती और बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, बस किराये और राशन की कीमतों जैसे मुद्दे उठाए।
बघेल ने बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को भी सरकार के कामकाज से जोड़ते हुए सवाल किए। किसानों के एग्रीस्टैक और सर्वर से संबंधित परेशानियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्थाओं की समस्याओं का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।
सड़कों की हालत पर अरुण साव का भी किया जिक्र
सड़कों की स्थिति को लेकर बघेल ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव के स्कूटी से गिरकर घायल होने की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने खराब सड़कों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री का कहना था कि सड़कें आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा बुनियादी मुद्दा हैं। ऐसे में सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
सरकार के सामने विपक्ष ने खड़े किए कई सवाल
भूपेश बघेल के बयान में एक साथ कई मुद्दे शामिल रहे। सरकारी भर्ती में कथित गड़बड़ियां, बिजली कटौती, महंगाई, बेरोजगारी और सड़कों की स्थिति ऐसे विषय हैं, जिन पर विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, सत्ता विरोधी माहौल को लेकर बघेल का बयान राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा सकता है। आगामी चुनावों से पहले सरकार के कामकाज और विपक्ष की रणनीति को लेकर इस तरह के बयान सियासी बहस को और तेज कर सकते हैं।
