अमित जोगी की बढ़ीं मुश्किलें: ‘ज्ञानू-जानू’ वीडियो विवाद के बाद अब स्टेट बार काउंसिल का नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

रायपुर, 5 नवंबर 2026 । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े कथित आपत्तिजनक ‘ज्ञानू-जानू’ वीडियो विवाद में पुलिस कार्रवाई के बीच अब स्टेट बार काउंसिल ऑफ छत्तीसगढ़ ने भी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। काउंसिल ने अमित जोगी से सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
अधिवक्ता बृजेशनाथ पांडेय की शिकायत के बाद बार काउंसिल की ओर से यह कदम उठाया गया है। हालांकि, नोटिस में लगाए गए आरोपों और काउंसिल की ओर से प्रस्तावित कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध होने पर ही इसकी पूरी कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने भी जारी किया नोटिस, 9 नवंबर को पेश होने का दावा
बार काउंसिल के नोटिस से पहले ही अमित जोगी ‘ज्ञानू-जानू’ वीडियो विवाद को लेकर पुलिस की जांच के घेरे में हैं। भाजपा नेताओं की शिकायत पर रायपुर के सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत अपराध दर्ज किए जाने की खबर है।
पुलिस ने पूछताछ के लिए जोगी निवास पहुंचकर उनके घर के बाहर नोटिस भी चस्पा किया था। उन्हें जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच अमित जोगी की सूरत में मौजूदगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उनके रायपुर से बाहर होने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश संगठन महामंत्री निलेश चौहान ने उनके फरार होने की चर्चाओं को भ्रामक बताया है। पार्टी का दावा है कि अमित जोगी निजी कार्यक्रम के सिलसिले में 2 से 8 नवंबर तक प्रदेश से बाहर हैं और 9 नवंबर को थाने में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे। Amar Ujala Hindi News Live +2
क्या है ‘ज्ञानू-जानू’ वीडियो विवाद?
पूरा विवाद कथित वोट चोरी के मुद्दे पर सोशल मीडिया में साझा किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ था। आरोप है कि वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलते-जुलते प्रतीकात्मक किरदारों को लेकर आपत्तिजनक दृश्य दिखाए गए थे।
वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने संबंधित पोस्ट हटा दी थी और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। उन्होंने अपनी सफाई में कहा था कि उनका संदेश देने का उद्देश्य उनके नजरिए से प्रासंगिक हो सकता है, लेकिन उसे प्रस्तुत करने का तरीका उचित नहीं था। उन्होंने यह भी कहा था कि वे अपने विचारों और विश्वास के अनुरूप मर्यादा का उल्लंघन नहीं करना चाहते।
भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया से भी बढ़ा था विवाद
वीडियो विवाद के बाद भाजपा नेताओं की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर अमित जोगी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने उन्हें मनोपचार केंद्र में भर्ती कराने तक की बात कही थी। इस बयान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा हुई थी।
अब पुलिस की एफआईआर और स्टेट बार काउंसिल के कथित कारण बताओ नोटिस के बाद अमित जोगी के सामने दो अलग-अलग मोर्चों पर जवाब देने की चुनौती है। हालांकि, बार काउंसिल की शिकायत पर आगे की कार्रवाई क्या होगी, यह उनका जवाब मिलने और काउंसिल के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
