IPS Santosh Singh: छत्तीसगढ़ के IPS संतोष सिंह को मिली दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की कमान, CISF में DIG की अहम जिम्मेदारी

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह को दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत संतोष सिंह को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में CISF के डीआईजी के रूप में पदस्थ किया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ अब वे दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो व्यवस्था की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभालेंगे।
संतोष सिंह को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब दिल्ली मेट्रो देश की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन व्यवस्थाओं में शामिल है और रोजाना लाखों यात्री इसके नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। उनकी नई पोस्टिंग को उनके सुरक्षा प्रबंधन के अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस नेतृत्व के अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है।
271 स्टेशनों वाले नेटवर्क की सुरक्षा होगी बड़ी जिम्मेदारी
दिल्ली मेट्रो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई शहरों को जोड़ने वाला विशाल त्वरित परिवहन नेटवर्क है। करीब 271 स्टेशनों वाले इस नेटवर्क में प्रतिदिन लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है।
हाल ही में 17 सितंबर को दिल्ली मेट्रो में एक दिन में करीब 82.45 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई थी। ऐसे विशाल और संवेदनशील यात्री नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था में CISF की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। संतोष सिंह के सामने अब यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्टेशनों और महत्वपूर्ण मेट्रो परिसंपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की चुनौती होगी।
छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में SP/SSP की कमान
संतोष सिंह का छत्तीसगढ़ में जिला पुलिसिंग का लंबा और व्यापक अनुभव रहा है। वे प्रदेश के नौ जिलों में SP/SSP के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
इनमें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव शामिल हैं।
इसके अलावा वे सुकमा में ASP और दुर्ग में CSP के पद पर भी रह चुके हैं। यानी छत्तीसगढ़ में उनकी पोस्टिंग प्रदेश के मैदानी, औद्योगिक, शहरी और संवेदनशील क्षेत्रों तक रही है।
सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयोगों से बनाई अलग पहचान
संतोष सिंह को पुलिसिंग में तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयोगों के लिए भी जाना जाता है। उनकी कार्यशैली में पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर संवाद तथा संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर देखने को मिला है।
उनका अब तक का अनुभव केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग भौगोलिक और सुरक्षा परिस्थितियों में काम करने का रहा है। यही अनुभव उनकी नई जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
हैदराबाद में भी संभाल चुके हैं रणनीतिक सुरक्षा
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले संतोष सिंह हैदराबाद में DIG South Zone-2 के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस भूमिका में वे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक से जुड़े औद्योगिक एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों तथा पूर्वी तट के बंदरगाहों की सुरक्षा से संबंधित दायित्व देख रहे थे।
रणनीतिक प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा का यह अनुभव अब दिल्ली मेट्रो जैसे हाई-डेंसिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की सुरक्षा में उनके लिए अहम माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारी क्यों महत्वपूर्ण?
दिल्ली मेट्रो केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी की रोजमर्रा की अर्थव्यवस्था और आवागमन की रीढ़ है। ऐसे में मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा में यात्री सुरक्षा, स्टेशन सिक्योरिटी, भीड़ प्रबंधन, महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया जैसी जिम्मेदारियां बेहद महत्वपूर्ण होती हैं।
छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में जिला पुलिस की कमान से लेकर रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा तक का अनुभव रखने वाले संतोष सिंह के लिए दिल्ली मेट्रो की नई जिम्मेदारी उनके करियर की एक महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
