17 हजार फीट पर मौत से मुकाबला, घायल पायलट ने बचाई 174 जिंदगियां; PM मोदी ने कहा- ‘हीरो’

नई दिल्ली। आसमान में उड़ रहे विमान के कॉकपिट में चाकू से हमला… पायलट गंभीर रूप से घायल… विमान की ऊंचाई तेजी से नीचे आने लगी और अंदर बैठे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। ऐसे बेहद खतरनाक हालात में भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार ने हिम्मत नहीं छोड़ी और सूझबूझ से विमान को सुरक्षित लैंड कराने में अहम भूमिका निभाई। उनकी बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की है और उन्हें ‘हीरो’ बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि बेहद खतरनाक परिस्थितियों और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन मछार पर गर्व है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुआ था हमला
यह घटना फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी है। विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। बुधवार, 30 सितंबर को उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलट और ओमानी मूल के को-पायलट के बीच विवाद के बाद हिंसक घटना हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद विमान की ऊंचाई करीब 17 हजार फीट तक नीचे आ गई, जिससे विमान में सवार यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
घायल होने के बावजूद संभाला विमान
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार ने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी। इसी दौरान उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने विमान को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने विमान का रुख बदला और इसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराने में सफलता हासिल की।
विमान में बड़ी संख्या में यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। पायलट की सूझबूझ और तत्काल कार्रवाई से एक गंभीर विमान हादसा टल गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी की तारीफ
कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की चर्चा भारत के साथ-साथ इजरायल में भी हुई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना की।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने स्थिति का सामना किया। उनकी कार्रवाई ने यात्रियों और क्रू को हमलावर को रोकने का मौका दिया।
कौन हैं कैप्टन स्मित मछार?
कैप्टन स्मित मछार मूल रूप से गुजरात के रहने वाले बताए जाते हैं। विमानन क्षेत्र में उनके पास लंबा अनुभव है। उन्होंने भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट के साथ करीब 11 वर्षों तक काम किया।
इसके बाद वर्ष 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े। उनके पास कमर्शियल विमान उड़ाने का एक दशक से अधिक का अनुभव बताया जाता है।
PM मोदी बोले- भारत को आप पर गर्व है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मछार की बहादुरी को याद करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने और नई ताकत के साथ लौटने की कामना की।
कॉकपिट में हुए हमले के बाद जिस तरह कैप्टन मछार ने गंभीर परिस्थितियों में विमान को संभालने में भूमिका निभाई, उसने इस घटना को दुनियाभर में सुर्खियों में ला दिया है।
