500 करोड़ के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का झांसा, 15 करोड़ की ठगी! ED ने KK श्रीवास्तव पर दाखिल की चार्जशीट, 3.25 करोड़ की संपत्ति अटैच

रायपुर। करीब 500 करोड़ रुपये के रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 23 सितंबर 2026 को विशेष PMLA कोर्ट, रायपुर में अभियोजन परिवाद दाखिल किया है। इससे एक दिन पहले एजेंसी ने आरोपी की करीब 3.25 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं।
ED की जांच के मुताबिक, जून 2023 में केके श्रीवास्तव ने रावत एसोसिएट्स के संचालक को कथित तौर पर भरोसा दिलाया कि रायपुर में करीब 500 करोड़ रुपये का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सब-कॉन्ट्रैक्ट के लिए उपलब्ध है। एजेंसी के अनुसार, इस कथित सब-कॉन्ट्रैक्ट के लिए 15 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा कराने को कहा गया। इसके बाद 15 करोड़ रुपये पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
जिनके नाम खाते, उन्हें ही नहीं थी जानकारी?
जांच में ED ने दावा किया कि रकम जिन बैंक खातों में पहुंची, उनमें से कुछ खाते कथित तौर पर ऐसे लोगों के नाम पर थे, जिन्हें उनके इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। एजेंसी के मुताबिक, संबंधित संस्थाएं अपने पंजीकृत पते पर भी नहीं मिलीं। यहीं से जांच ने कथित शेल और कंड्यूट कंपनियों के नेटवर्क का रुख किया।
15 करोड़ की रकम घुमाई, विदेश तक पहुंचा पैसा
ED के अनुसार, कथित ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग संस्थाओं और बैंक खातों के जरिए कई स्तरों पर घुमाया गया। इसके बाद फर्जी कारोबारी विवरण के जरिए रकम विदेश भेजे जाने का आरोप है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, फ्रेट चार्ज और कंटेनर लीजिंग जैसे कारोबारी कारणों का इस्तेमाल कर रकम को दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर स्थित लाभार्थियों तक पहुंचाया गया।
3.40 करोड़ वापस किए, 11.60 करोड़ अब भी बकाया
ED की जांच के अनुसार, 15 करोड़ रुपये में से करीब 3.40 करोड़ रुपये पीड़ित को वापस किए गए। एजेंसी का आरोप है कि यह रकम पहले अलग-अलग स्तरों पर घुमाए गए धन से वापस की गई और इसे सामान्य कारोबारी भुगतान के तौर पर दिखाने की कोशिश की गई वहीं करीब 11.60 करोड़ रुपये अब तक वापस नहीं किए गए हैं।
30 जुलाई को ED ने किया था गिरफ्तार
केके श्रीवास्तव को ED ने 30 जुलाई 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे विशेष PMLA अदालत, रायपुर के समक्ष पेश किया गया था, जहां उसे ED की हिरासत में भेजा गया था।
अब जांच के अगले चरण में ED ने 22 सितंबर को करीब ₹3.25 करोड़ की संपत्तियों पर अस्थायी कुर्की की और 23 सितंबर को अभियोजन परिवाद दाखिल कर मामले को अदालत के समक्ष आगे बढ़ाया है।
ED की जांच में अभी और खुलासे बाकी
मामले की जांच मूल रूप से तेलीबांधा थाना, रायपुर में दर्ज FIR और छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र के आधार पर शुरू हुई थी। मूल मामले में ठगी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।
ED की जांच अभी जारी है। एजेंसी अब कथित मनी ट्रेल, विदेश भेजी गई रकम, शेल संस्थाओं और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
