मेरी एक टांग नकली है’ वाला नहीं रहे ‘वेलकम’ के बल्लू! अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, कैंसर से थे पीड़ित

मुंबई। हिंदी सिनेमा के जाने-माने चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। उन्होंने मुंबई के नानावती अस्पताल में गुरुवार शाम करीब 7 बजे आखिरी सांस ली। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम ने निधन की पुष्टि की है। अभिनेता के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, मुश्ताक खान पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम के अनुसार, उन्हें पहले कैंसर का पता चला था और इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था। हाल ही में बीमारी दोबारा गंभीर रूप से उभरने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें ICU में रखा गया था।
हालांकि, उनकी बीमारी को लेकर मीडिया रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में लंग कैंसर बताया गया है, जबकि कुछ में लिवर कैंसर का उल्लेख है। इसलिए बीमारी के सटीक प्रकार की पुष्टि आधिकारिक मेडिकल जानकारी के बिना करना उचित नहीं होगा।
‘वेलकम’ के बल्लू से घर-घर मिली पहचान
मुश्ताक खान ने हिंदी फिल्मों में मुख्य भूमिका से ज्यादा अपने सपोर्टिंग और कॉमिक किरदारों के जरिए अलग पहचान बनाई। फिल्म ‘वेलकम’ में बल्लू का उनका किरदार दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ।
इसके अलावा उन्होंने ‘आशिकी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘हेरा फेरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘जोड़़ी नंबर 1’, ‘राउडी राठौर’, ‘वांटेड’, ‘गदर 2’ और ‘स्त्री 2’ समेत कई फिल्मों में काम किया।
फिल्मों के साथ टीवी पर भी छोड़ी छाप
मुश्ताक खान का अभिनय सफर सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने टेलीविजन के कई लोकप्रिय प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। ‘नुक्कड़’, ‘भारत एक खोज’, ‘अदालत’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे धारावाहिकों में उनके किरदार दर्शकों ने देखे।
चार दशक से ज्यादा का अभिनय सफर
मुश्ताक खान ने अपने लंबे करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। छोटे रोल में भी अपनी खास अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग से वह दर्शकों का ध्यान खींचने में कामयाब रहे।
‘वेलकम’ का बल्लू हो या ‘गदर’ का गुल खान—उनके कई किरदार ऐसे रहे जिन्हें स्क्रीन पर सीमित समय मिलने के बावजूद दर्शकों ने लंबे समय तक याद रखा।
मुश्ताक खान के निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने सपोर्टिंग और चरित्र भूमिकाओं को अपनी खास पहचान बना लिया था। उनके निभाए किरदार लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।
