छत्तीसगढ़ के नेताओं पर कितने आपराधिक केस? हाईकोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट में विधायक अटल श्रीवास्तव से लेकर पूर्व सांसद तक के नाम
सांसद-विधायकों के लंबित आपराधिक मामलों पर हाईकोर्ट की नजर, बिलासपुर से रायपुर और राजनांदगांव तक कई प्रकरणों का जिक्र

बिलासपुर, 26 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों को लेकर हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट जारी की है। जुलाई 2026 तक की स्थिति वाली इस रिपोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की निचली अदालतों में लंबित प्रकरणों के साथ पूर्व सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की वर्तमान स्थिति भी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद अब प्रदेश की राजनीति से जुड़े उन मामलों पर चर्चा तेज हो गई है, जिनकी न्यायिक प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
अटल श्रीवास्तव से जुड़े मामले का भी जिक्र
हाईकोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट में बिलासपुर विधायक अटल श्रीवास्तव से जुड़े प्रकरण का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार विधायक के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी शामिल है और संबंधित मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
हालांकि, किसी मामले का लंबित होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा किया जाना है।
बलौदाबाजार में भी जनप्रतिनिधियों के मामले
रिपोर्ट में बलौदाबाजार जिले में सांसदों और विधायकों से जुड़े लंबित प्रकरणों का भी उल्लेख है। इसमें पूर्व और तत्कालीन जनप्रतिनिधियों से संबंधित मामले निचली अदालतों में लंबित बताए गए हैं।
रायपुर के कई विधायकों से जुड़े केस
राजधानी रायपुर से जुड़े मामलों में भी कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित आपराधिक प्रकरणों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ मामले सामान्य आपराधिक अदालतों में चल रहे हैं, जबकि कुछ प्रकरण ACB और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े विशेष न्यायालयों तक पहुंचे हैं।
राजनांदगांव के पूर्व सांसद का मामला भी शामिल
हाईकोर्ट की रिपोर्ट में राजनांदगांव से जुड़े मामलों की स्थिति भी दर्ज की गई है। इसमें पूर्व सांसद और विधायकों से संबंधित लंबित प्रकरणों का उल्लेख है। पूर्व सांसद मधुसूदन यादव से संबंधित मामला भी रिपोर्ट में शामिल बताया गया है।
कई मामलों में अभी जारी है न्यायिक प्रक्रिया
हाईकोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट से यह सामने आया है कि सांसदों और विधायकों से जुड़े कई आपराधिक मामलों में अभी सुनवाई जारी है। कुछ मामलों में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि कुछ प्रकरणों में न्यायालय के आदेश के कारण आगे की कार्रवाई फिलहाल रुकी हुई है।
इस रिपोर्ट की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि इसमें जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की जिला और न्यायालय स्तर पर स्थिति सामने आती है। यानी प्रदेश के राजनीतिक चेहरों से जुड़े लंबित आपराधिक मामलों पर न्यायिक प्रक्रिया कहां तक पहुंची है, इसकी तस्वीर रिपोर्ट में दर्ज है।
