नवा रायपुर में 119.89 करोड़ का मेगा हाउसिंग प्लान! 348 घरों का भूमिपूजन, 704 फ्लैट और ग्रीनफील्ड सिटी का बड़ा विजन
मंत्री ओपी चौधरी बोले—बिना मांग के नहीं बनेगी नई कॉलोनी, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं; नवा रायपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और रोजगार के साथ आवासीय विस्तार पर जोर

रायपुर, 25 अगस्त 2026। नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सेक्टर-12 फेस-2 में 119.89 करोड़ रुपए की लागत से 348 नए HIG और MIG श्रेणी के भवनों की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने परियोजना की शुरुआत करते हुए कहा कि नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
खास बात यह है कि सेक्टर-12 में आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए अगले चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी जल्द शुरू किया जाएगा। इनमें 128 HIG, 320 MIG और 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे।
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ मकान बनाने पर नहीं, बल्कि बेहतर गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और मांग के अनुरूप आवासीय परियोजनाएं विकसित करने पर है।
बिना मांग के नहीं बनेगी नई कॉलोनी
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब किसी भी स्थान पर बिना मांग के आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी।
नई परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए 60 प्रतिशत बुकिंग अथवा शुरुआती तीन महीनों में 30 प्रतिशत बुकिंग का प्रावधान रखा गया है। इसका उद्देश्य ऐसी कॉलोनियां बनाने से बचना है, जहां निर्माण के बाद लंबे समय तक मकान खाली पड़े रहें।
मंत्री ने कहा कि मांग आधारित परियोजनाओं से हितग्राहियों को वास्तविक जरूरत के मुताबिक आवास मिलेंगे और हाउसिंग बोर्ड के संसाधनों का भी बेहतर इस्तेमाल होगा।
119.89 करोड़ में बनेंगे 348 भवन
सेक्टर-12 फेस-2 में शेष 29.20 एकड़ जमीन पर HIG और MIG श्रेणी के कुल 348 भवन बनाए जाएंगे। इन आवासों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपए से 85.17 लाख रुपए तक निर्धारित किया गया है।
मंडल के अनुसार बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 फ्लैट का निर्माण किया जाएगा। इनमें—
- 128 HIG फ्लैट
- 320 MIG फ्लैट
- 256 LIG फ्लैट
शामिल होंगे। इन फ्लैटों की प्रस्तावित बेस कीमत 16.76 लाख से 40.47 लाख रुपए तक होगी।
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां अब दिखेंगी अलग
मंत्री ओपी चौधरी ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड को केवल सरकारी आवास बनाने वाली संस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अपनी पहचान बनानी होगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर निर्माण तक सीमित न रहें। जरूरत पड़ने पर उससे बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जाए। मकानों में गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, बेहतर फिटिंग्स और आधुनिक रंगों का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि यदि बेहतर गुणवत्ता के लिए परियोजना की लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि भी होती है, तो इसे हितग्राहियों को बेहतर सुविधा देने के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
कॉलोनी हैंडओवर में देरी नहीं
मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन यानी RWA को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी का विकास और रखरखाव केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें रहवासियों की भी बराबर भागीदारी होनी चाहिए।
सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। साथ ही नए हितग्राहियों से निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखने और किसी भी कमी की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया।
नवा रायपुर में शिक्षा से लेकर हेल्थ और टेक्नोलॉजी तक विस्तार
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर तेजी से देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। शहर के लगभग एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र हरित क्षेत्र है।
नवा रायपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हो रहा है। यहां NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे संस्थान मौजूद हैं।
इसके अलावा नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, श्री श्री रविशंकर केंद्र, ब्रह्मकुमारी परिसर, एआई डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी परियोजनाएं भी नवा रायपुर के विकास को नई दिशा दे रही हैं।
हेल्थ सेक्टर में भी बड़े विस्तार की तैयारी
नवा रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
खेल, कॉन्फ्रेंस और वेडिंग डेस्टिनेशन भी बनेगा नवा रायपुर
मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर आने वाले समय में केवल प्रशासनिक राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा। यहां खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन जैसे क्षेत्रों में भी बड़े अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही कई परियोजनाओं का असर जमीन पर दिखाई देने लगेगा।
हाउसिंग बोर्ड को नई ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल अब मांग आधारित परियोजनाओं, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और बेहतर आवासीय सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में मंडल की गतिविधियों में तेजी आई है और कई नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है।
मंडल के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि सेक्टर-12 फेस-2 परियोजना को तय समय-सीमा में पूरा करने के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
नवा रायपुर में पहले भी हजारों आवास तैयार
मंडल के आयुक्त अवनीश शरण के अनुसार नवा रायपुर में गृह निर्माण मंडल ने वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर पहली आवासीय कॉलोनी शुरू की थी। यहां 2665 स्वतंत्र भवन और फ्लैट बनाकर वर्ष 2014 में हितग्राहियों को सौंपे गए।
इसके बाद वर्ष 2011 में सेक्टर-29 में 145 एकड़ भूमि पर दूसरी आवासीय कॉलोनी शुरू की गई, जहां 3012 भवन और फ्लैट का निर्माण किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-16, 30 और 34 में भी EWS और LIG श्रेणी के कुल 4544 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है। वहीं सेक्टर-12 फेस-1 में HIG और MIG श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पीपल का पौधा
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियानके तहत मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने में पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों का संरक्षण भी जरूरी है। कुल मिलाकर, सेक्टर-12 फेस-2 की नई परियोजना को नवा रायपुर के बढ़ते आवासीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 119.89 करोड़ रुपए की परियोजना के साथ 704 नए फ्लैट की आगामी योजना से शहर में अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए आवासीय विकल्प बढ़ने की उम्मीद है।
