भ्रष्टाचार केस में जेल में बंद पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथी वर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मिली नियमित जमानत

बिलासपुर, 22 अगस्त 2026। भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथी वर्मा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें मामले में नियमित जमानत प्रदान कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
भागीरथी वर्मा के खिलाफ ACB रायपुर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे।
2019 से 2023 तक रहे चीफ इंजीनियर
भागीरथी वर्मा वर्ष 2019 से 2023 तक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर पदस्थ रहे। उनके खिलाफ नगर निगम के विभिन्न ठेकों में काम दिलाने के एवज में कथित तौर पर कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ठेकेदारों को काम दिलाने के बदले प्रत्येक ठेके पर 25 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती थी।
2 करोड़ रुपये से अधिक लेने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अलग-अलग माध्यमों से पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथी वर्मा द्वारा करीब 2 करोड़ 2 लाख 52 हजार रुपये की राशि और कीमती सामान लिया गया।
शिकायत के आधार पर ACB रायपुर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद वर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
हाईकोर्ट के आदेश से जेल से बाहर आने का रास्ता साफ
मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथी वर्मा को नियमित जमानत देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही लंबे समय से जेल में बंद वर्मा के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, नियमित जमानत मिलने का अर्थ मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है। भ्रष्टाचार से जुड़े प्रकरण की न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
