कांवड़ यात्रा में स्थानीय व्यापारियों ने लगाया भंडारा, अब खरीदारी में भी दें साथ: हीरानंद जयसिंह

बिलासपुर। कांवड़ यात्रा के दौरान शहर और आसपास जगह-जगह लगे सेवा शिविरों और भंडारों का उदाहरण देते हुए कैट बिलासपुर अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह ने शहरवासियों से स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’ सिर्फ नारा नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।
जयसिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर से गुजरे। जगह-जगह स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने सेवा शिविर लगाए, भंडारे किए और श्रद्धालुओं के लिए पानी, भोजन सहित अन्य व्यवस्थाएं कीं। उन्होंने सवाल किया, “कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए क्या कहीं फ्लिपकार्ट या अमेजन का पंडाल या भंडारा नजर आया?”
उन्होंने कहा कि जब स्थानीय व्यापारी शहर के सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े रहते हैं, तो खरीदारी के समय भी उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। स्थानीय दुकानदार से सामान खरीदने का फायदा सिर्फ व्यापारी को नहीं, बल्कि पूरे शहर की अर्थव्यवस्था को मिलता है।
‘मुश्किल वक्त में स्थानीय दुकानदार ही काम आता है’
हीरानंद जयसिंह ने कहा कि स्थानीय दुकानदार अपने ग्राहकों को वर्षों से जानते हैं। जरूरत पड़ने पर यही दुकानदार सहयोग करते हैं और कई बार उधार तक की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। ऑनलाइन कंपनियों के साथ इस तरह का व्यक्तिगत जुड़ाव संभव नहीं है।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि जहां जरूरी न हो, वहां अनावश्यक ऑनलाइन खरीदारी से बचें और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान अपने शहर के बाजार और स्थानीय दुकानदारों से खरीदें।
स्थानीय बाजार मजबूत होगा तो रोजगार भी बढ़ेगा
जयसिंह ने कहा कि स्थानीय बाजार में किया गया खर्च शहर की अर्थव्यवस्था को गति देता है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों, छोटे व्यवसायियों और अन्य स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलता है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय दुकानदार से खरीदारी करना केवल सामान खरीदना नहीं, बल्कि अपने शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देना है।
उन्होंने बिलासपुरवासियों से ‘लोकल फॉर वोकल’ को सिर्फ सोशल मीडिया के संदेश तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी रोजमर्रा की खरीदारी का हिस्सा बनाने की अपील की।
