CG के नामी स्कूल में शर्मनाक वाकया: छात्र से 200 बार लिखवाई मां की गाली, DEO ने बिठाई जांच

अंबिकापुर, 30 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ के प्रतिष्ठित ‘बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल’ में एक शिक्षिका द्वारा कक्षा 8वीं के छात्र को दी गई अजीबोगरीब सजा अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। आरोप है कि शिक्षिका ने छात्र से उसकी गलती के एवज में 100 बार हिंदी और 100 बार अंग्रेजी में मां की गाली लिखवाई। यही नहीं, उस गाली लिखी कॉपी पर माता-पिता से हस्ताक्षर कराकर लाने का फरमान भी सुना दिया। मामला उजागर होने के बाद सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, बीते 28 जुलाई को स्कूल में कक्षा 8वीं के दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों बच्चों ने एक-दूसरे को अपशब्द (गाली) कहे। जब यह बात क्लास टीचर प्रेरणा तक पहुँची, तो उन्होंने छात्र को समझाने या अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के बजाय एक आत्मघाती तरीका अपनाया। शिक्षिका ने छात्र को क्लास से बाहर निकाला और उसकी रफ कॉपी में वही मां की गाली 100 बार हिंदी में और 100 बार अंग्रेजी में लिखने की सजा दे दी।
पिता ने पूछा- बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं या गाली सीखने?
जब छात्र वह कॉपी लेकर घर पहुँचा, तो परिजनों के होश उड़ गए। छात्र के पिता ने इस अमानवीय सजा पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, “अगर बच्चों के बीच विवाद हुआ था, तो शिक्षिका उन्हें समझा सकती थीं या काउंसिलिंग कर सकती थीं। लेकिन 200 बार गाली लिखवाना कहाँ का न्याय है? गाली लिखते समय मेरा बच्चा उसे बार-बार पढ़ और दोहरा रहा होगा। स्कूल बच्चों को संस्कार देने के लिए हैं या गालियां रटवाने के लिए?”
ABVP ने दी आंदोलन की चेतावनी
घटना की भनक लगते ही छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भी मैदान में उतर आया है। परिषद के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर संबंधित शिक्षिका के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि स्कूल प्रबंधन और शिक्षिका पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
DEO बोले- जांच जारी, होगी कड़ी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश झा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि मामला गंभीर है और उनके संज्ञान में आते ही उन्होंने जांच के लिए सहायक संचालक को तत्काल स्कूल भेजा है। DEO ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के मंदिर में इस प्रकार की मानसिक प्रताड़ना और सजा को किसी भी हाल में उचित नहीं ठहराया जा सकता। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
