लोक परीक्षा संशोधन विधेयक-2026 लोकसभा से पारित, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

रायपुर, 30 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनकी मेहनत और भविष्य की सुरक्षा के लिए लगातार ठोस और प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं के वर्षों के परिश्रम, उम्मीदों और विश्वास का आधार होती हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी घटनाएं न केवल मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, संशोधन विधेयक के जरिए परीक्षा संबंधी अपराधों पर दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों और अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई का रास्ता मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी बढ़ेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन और डिजिटल पारदर्शिता के माध्यम से युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन उसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास मजबूत करेगा तथा निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को नई मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि “विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।”
