CG-कोर्ट के आदेश पर CNI चर्च कमेटी के पादरी समेत 7 पर FIR, ईसाई परिवार के सामाजिक बहिष्कार का आरोप
बिलासपुर, 7 जुलाई 2026. छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के कोटा थाना क्षेत्र में एक ईसाई परिवार के सामाजिक बहिष्कार और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद सीएनआई (CNI) चर्च की नई कमेटी के पादरी समेत 7 पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें समाज से अलग-थलग करने के लिए सोशल मीडिया पर बकायदा मैसेज तक जारी किए गए थे।
सोशल मीडिया पर मैसेज जारी कर संबंध तोड़ने का दबाव
पूरा मामला कोटा के मिशन कंपाउंड स्थित सीएनआई चर्च से जुड़ा है। पीड़ित हरीश लाल और उनके परिवार ने चर्च की नई कमेटी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, कमेटी के पदाधिकारियों ने न सिर्फ पीड़ित परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया, बल्कि उन्हें गंभीर रूप से मानसिक प्रताड़ना भी दी।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर एक संदेश (मेसेज) जारी कर समाज के अन्य लोगों से अपील की थी कि वे पीड़ित परिवार से किसी भी तरह की बातचीत न करें। साथ ही, उनके परिवार के किसी भी सुख-दुख या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई थी। इस फरमान के बाद से पूरा परिवार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
कोटा पुलिस ने नहीं की सुनवाई, तो जाना पड़ा कोर्ट
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने सामाजिक बहिष्कार और मानसिक प्रताड़ना की इस गंभीर शिकायत को लेकर सबसे पहले कोटा थाने में गुहार लगाई थी। लेकिन कोटा पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई राहत नहीं दी। पुलिस के इस ढुलमुल रवैये से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद एक्शन में आई पुलिस
पीड़ित परिवार द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीप्ति बरवा की अदालत में याचिका दायर कर न्याय की अपील की गई। अदालत ने मामले के तथ्यों और प्रताड़ना की गंभीरता को देखते हुए इसे बेहद संवेदनशील माना। कोर्ट ने कोटा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
कोर्ट के इस कड़े आदेश के बाद हरकत में आई कोटा पुलिस ने सीएनआई चर्च कमेटी के पादरी सहित सभी 7 नामजद पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से इलाके और समाज में तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं।



