‘इंसाफ दो या जान ले लो’… पुलिस के खिलाफ पानी टंकी पर चढ़े दो युवकों का अनोखा विरोध…तीन घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, जानिए क्या है पूरा मामला

कोरबा, 11 जून 2026। हरदीबाजार थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ गुरुवार को अनोखा विरोध देखने को मिला। थाना प्रभारी पर मारपीट, पैसे लेने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए दो युवक गांव की ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गए। युवकों ने ऐलान कर दिया कि जब तक संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
ग्राम नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर का आरोप है कि कुछ दिन पहले पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई थी। वहां उनके साथ लाठी, डंडे और बेल्ट से मारपीट की गई। युवकों का कहना है कि पुलिस ने उन पर जुआ खिलाने का आरोप लगाया और बाद में जमानत के नाम पर करीब 24 हजार रुपये भी वसूल लिए।

दोनों युवकों ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उनसे जबरन ऐसा बयान लिखवाया गया, जिसमें चोट लगने की वजह भागते समय गिरना बताया गया। उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया और उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं था।
इन आरोपों से नाराज होकर गुरुवार सुबह दोनों युवक पेट्रोल लेकर गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना को निलंबित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। युवकों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लगातार समझाइश दी और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
दूसरी ओर, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि दोनों युवकों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई थी और लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच के दायरे में है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि युवकों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।









