सुशासन तिहार के आवेदनों का तेजी से करें निराकरण, जनता का भरोसा जीतें अधिकारी : कलेक्टर संजय अग्रवाल
टीएल बैठक में अग्नि दुर्घटनाओं पर जताई चिंता, स्कूल खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश; खाद-बीज, पीएम सूर्यघर योजना और वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा
बिलासपुर, 09 जून 2026। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा आवेदकों को की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए, ताकि शासन-प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत हो सके।
मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश खरे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

80 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का हुआ निराकरण
सुशासन तिहार की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले के 32 विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों में से 80 प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने शेष लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित हितग्राहियों को भी इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।
बढ़ती अग्नि दुर्घटनाओं पर चिंता
बैठक में जिले में हाल के दिनों में बढ़ी आगजनी की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने कहा कि अधिक विद्युत भार का उपयोग और पुरानी वायरिंग आग लगने के प्रमुख कारण बन रहे हैं। उन्होंने विद्युत विभाग को सुरक्षा मानकों के पालन और जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को आग से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए।

राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया। कलेक्टर ने नियमित साप्ताहिक पेशियां आयोजित कर मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रतिदिन पोर्टल की निगरानी करने और शिकायतों का समय-सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही की स्थिति में शिकायतें स्वतः उच्च स्तर पर पहुंच जाती हैं, जिससे विभागीय जवाबदेही प्रभावित होती है।

पीएम सूर्यघर योजना के लिए विशेष शिविर
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नगरीय निकायों और बड़े ग्रामों में विशेष शिविर लगाकर पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों में प्रस्तावित भर्तियों की प्रक्रिया को अधिकतम ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने और छह माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
कृषि विभाग की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खाद और बीज का भंडारण तथा वितरण पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हुआ है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी सेवा सहकारी समिति में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही नकली खाद और बीज बेचने वालों पर सख्त निगरानी रखने को कहा।
16 जून से पहले स्कूलों में पूरी हों तैयारियां
नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए कलेक्टर ने 16 जून से पहले सभी स्कूलों और छात्रावासों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों में विशेष प्रवेश उत्सव आयोजित कर शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर जोर देने को कहा। जर्जर भवनों को चिन्हित कर उनमें कक्षाएं संचालित नहीं करने के भी निर्देश दिए गए।
जुलाई में होगा व्यापक वृक्षारोपण अभियान
बैठक में आगामी जुलाई माह में प्रस्तावित बड़े वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा लगभग 2.5 लाख तथा वन विभाग द्वारा 9 लाख पौधे तैयार किए गए हैं। कलेक्टर ने सभी विभागों को पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण की भी ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उद्योगों और निर्माण कार्यों की भी समीक्षा
इंजेक्शन वेल निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने को कहा। वहीं जिन औद्योगिक इकाइयों ने निर्धारित समय में कार्य प्रारंभ नहीं किए हैं, उन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










