दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले बड़ा पुलिस एक्शन: अभिजीत दीपके हिरासत में, ध्रुव राठी पर भी कार्रवाई; 600 से ज्यादा लोग डिटेन किए जाने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, अभिजीत दीपके और उनकी टीम के दिल्ली पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई थी। विमान के लैंड होने के बाद पुलिसकर्मी उसके भीतर पहुंचे और दीपके समेत उनकी टीम के सदस्यों को हिरासत में ले लिया।
इस दौरान पुलिस और दीपके के बीच बहस होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दीपके ने महिला पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर कहा कि वह खुद गिरफ्तारी देने आए हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। हालांकि, पुलिस की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर हिरासत की कानूनी स्थिति और पुलिस की कार्रवाई का आधार अहम सवाल बने हुए हैं।
600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने का दावा
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने की खबरों के बीच पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब तक 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर प्रदर्शन स्थल तक पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई थी। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और कार्रवाई के आधिकारिक आधार की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
CJP ने उठाए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
CJP की ओर से पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई है। पार्टी के प्रवक्ता के मुताबिक, संगठन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना के बारे में पुलिस को पहले ही सूचना दी थी।
पार्टी ने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को बिना शर्त रिहा करने की मांग की है। CJP का आरोप है कि तीनों को विमान के लैंड होने के दौरान ही हिरासत में लिया गया।
हालांकि, इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की परिस्थितियों और हिरासत के आधार की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
गुरुग्राम में ध्रुव राठी भी हिरासत में लिए जाने की खबर
इस घटनाक्रम के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम में हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह करीब आठ बजे पुलिस ने यह कार्रवाई की।
ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही थी। उन्होंने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने और प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अपील की थी। इससे पहले उनके बेंगलुरु में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने की भी जानकारी दी गई है।
फिलहाल, उन्हें हिरासत में लिए जाने के पीछे पुलिस ने क्या आधार अपनाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट को कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना बताया गया है। प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस की कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
इस पूरे घटनाक्रम में तीन सवाल सबसे अहम हैं—क्या प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया? अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को किस आधार पर हिरासत में लिया गया? और क्या पुलिस इस कार्रवाई पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी करेगी?
फिलहाल, पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। इसलिए हिरासत, गिरफ्तारी और कार्रवाई के आधार से जुड़े दावों को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के साथ सत्यापित करना जरूरी है।
