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Chief Minister Vishnudev Sai : CM साय का सराहनीय पहल : सिकल सेल पीड़ित बच्चों को दिया जेनेटिक कार्ड, अब कहीं भी करा सकेंगे इलाज



विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिकल सेल पीड़ितों के लिए जेनेटिक कार्ड वितरण किया, इस कार्ड के माध्यम से सिकल सेल से पीड़ित कोई भी व्यक्ति कार्ड के माध्यम से कही से भी इलाज करा पायेगा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सिकल सेल की जाँच और परीक्षण आवश्यक रूप से कराना चाहिए और इसकी रोकथाम के लिए सभी को जागरूक होना आवश्यक है l

बता दें कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेई ऑडिटोरियम मेडिकल कॉलेज रायपुर में विश्व सिकल सेल दिवस पर सिकल सेल की स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने सिकल सेल जागरूकता रथ को रवाना किया इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिकल सेल पीड़ितों को जेनेटिक कार्ड का वितरण किया इस कार्ड के माध्यम से सिकल सेल से पीड़ित कोई भी व्यक्ति कार्ड के माध्यम से कही से भी इलाज करा पायेगा

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में देश 2047 तक विकसित भारत का रूप ले लेगा और इसी दौरान भारत से सिकल सेल एनीमिया की बीमारी भी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अटल बिहारी वाजपेयी आडिटोरियम, मेडिकल कालेज, रायपुर में विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस के अवसर पर अपना संबोधन दे रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्व सिकल सेल दिवस पर सिकल सेल की स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होकर सिकल सेल जागरूकता रथ को रवाना किया और सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिकल सेल पीड़ितों को जेनेटिक कार्ड का वितरण किया और बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता फैलाने के लिए सिकल सेल की जानकारी देने वाली हल्बी और गोंडी भाषा की पुस्तिका का विमोचन किया।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, आदिम जाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ,शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, वन केदार कश्यप भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सिकल सेल की जाँच और परीक्षण आवश्यक रूप से कराना चाहिए और इसकी रोकथाम के लिए सभी को जागरूक होना आवश्यक है l विवाह के पूर्व सभी महिला और पुरुष को सिकलसेल की जाँच करानी चाहिए और दोनों के पीड़ित होने पर शादी नहीं करनी चाहिए ताकि आनुवंशिक रूप से यह बीमारी अगली पीढ़ी मे स्थानांतरित न होने पाए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी समुदाय के लोग सिकलसेल एनीमिया से ज्यादातर पीड़ित हैं। इन पीड़ित मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग और आदिम जाति विकास विभाग के सहयोग से जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिकलसेल के लिए राष्ट्रीय स्तर का रिसर्च सेंटर प्रारंभ करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है ताकि प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया बीमारी से और बेहतर तरीके से बचाव किया जा सके। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य के 33 जिलों के लक्षित 1 करोड़ 77 लाख 69 हजार 535 सिकल सेल स्क्रीनिंग के विरूद्ध कुल 1 करोड़ 11 लाख 06 हजार 561 स्क्रीनिंग कर लिया गया है l इस परीक्षण में 1 करोड़ 06 लाख 24 हजार 245 स्क्रीनिंग निगेटिव पाए गए है। स्क्रीनिंग में 2 लाख 90 हजार 663 वाहक पाये गये हैं तथा 22 हजार 672 को बीमारी प्राप्त हुई।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार सिकल सेल एनीमिया को छत्तीसगढ़ से पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग मिलकर इस बीमारी को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह संकल्प है कि प्रदेश को स्वस्थ और विकसित प्रदेश बनाना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम में प्रदेश में कार्यरत मितानिन बहनों की अहम भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जागरुकता के माध्यम से ही इस बीमारी पर अंकुश लगाया जा सकता है और जेनेटिक कार्ड के इस्तेमाल से इस पर प्रभावी रोकथाम लगायी जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोती लाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा समेत उच्चाधिकारी, मितानिन बहनें, मेडिकल कालेज के छात्र और स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

 

 

 

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