CG-डीजीपी का बड़ा बयान: नक्सलियों का नेटवर्क खत्म, अब पुलिस का ड्रग्स पर दिखेगा सख्त रुख
अंबिकापुर, 4 अप्रैल 2026। अंबिकापुर में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नक्सलवाद, पुलिस प्रशासन और ड्रग्स तस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बड़ा बयान दिया।
डीजीपी ने कहा कि राज्य में हथियारबंद नक्सलियों के संगठित समूह अब लगभग समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब केवल कुछ ही नक्सली बचे हैं, जिन्होंने या तो हथियार छोड़ दिए हैं या छिपकर गतिविधियां चला रहे हैं। इसे उन्होंने सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सटीक रणनीति का परिणाम बताया।

पुलिस प्रशासन को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब एसडीओपी स्तर के अधिकारियों के कामकाज की नियमित समीक्षा आईजी स्तर के अधिकारी करेंगे। इस कदम से पुलिसिंग में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया पर डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट तरीके से भर्ती हुए व्यक्ति से ईमानदार सेवा की उम्मीद नहीं की जा सकती। आने वाली भर्ती प्रक्रियाओं में विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में बड़ी संख्या में पुलिस पदों को भरा जाना है और इसके लिए ठोस एवं सख्त व्यवस्था तैयार की जा रही है।
ड्रग्स और अवैध अफीम की खेती को लेकर डीजीपी ने चिंता जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बाहरी राज्यों—राजस्थान, बिहार और झारखंड से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने बताया कि अफीम की अवैध खेती का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।

ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार इसकी सप्लाई चेन तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन जब तक इसकी मांग कम नहीं होगी, तब तक पूरी तरह नियंत्रण मुश्किल है। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में ड्रग्स की खपत बढ़ी है, जिस पर काबू पाने के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।










