छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: जमीन गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी से जुड़े कई आदेश लिए वापस, नई दरों पर फिर से मंथन
रायपुर, 8 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की गाइडलाइन वैल्यू से जुड़े फैसलों में बड़ा बदलाव करते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश वापस ले लिए हैं। हाल ही में जारी की गई गाइडलाइन दरों में वृद्धि को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर, आम नागरिकों और व्यापारिक संगठनों की ओर से लगातार आपत्तियाँ दर्ज की जा रही थीं। इन व्यापक आपत्तियों और प्राप्त फीडबैक को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से कई प्रमुख आदेशों को निरस्त कर दिया है।
सबसे अहम आदेशों में नगरीय क्षेत्रों की जमीन के लिए निर्धारित 1400 वर्ग मीटर तक की इंक्रीमेंटल आधार पर गाइडलाइन बढ़ोतरी वाले प्रावधान को वापस लेना शामिल है। इस प्रावधान को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर और आम खरीदारों का कहना था कि इससे मध्यमवर्गीय तथा छोटे प्लॉट खरीदने वालों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ता। उठती चिंताओं और लगातार मिल रहे फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए एक समान दर लागू करने का आदेश भी वापस ले लिया गया है। इस नियम के तहत आकार, स्थान और उपयोगिता के आधार पर अंतर को नजरअंदाज कर एक समान गाइडलाइन दरें लागू की जा रही थीं, जिससे छोटे व्यवसायियों और छोटे शोरूम मालिकों पर प्रभाव पड़ रहा था। अब इस प्रावधान को भी रद्द कर दिया गया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, बहुमंजिला इमारतों के सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना से जुड़े आदेश को भी खत्म कर दिया गया है। इस आदेश के खिलाफ बिल्डरों और खरीदारों की ओर से व्यापक असहमति जताई गई थी। उनका कहना था कि सुपर बिल्ट-अप एरिया की गणना अक्सर अस्पष्ट रहती है, जिससे संपत्ति के मूल्यांकन में असमानता पैदा होने की संभावना रहती है। सरकार ने इन आपत्तियों को स्वीकारते हुए इस नियम को भी निरस्त कर दिया।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये सभी आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त माने जाएंगे। साथ ही, गाइडलाइन दरों से जुड़े शेष बिंदुओं पर नागरिकों, विभिन्न संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों से 31 दिसंबर तक सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की गई हैं। सरकार का मानना है कि व्यापक जनभागीदारी से भविष्य में एक संतुलित, पारदर्शी और जनहितकारी गाइडलाइन दर प्रणाली तैयार की जा सकेगी, जो बाजार की वास्तविक परिस्थितियों और आम लोगों की जरूरतों के अनुरूप होगी।










