Raipur Gold Fraud: नकली सोना गिरवी रखकर 3.90 लाख की ठगी, सराफा WhatsApp ग्रुप ने खोला पूरा खेल; 3 पर FIR

रायपुर। राजधानी में नकली सोने के जेवरात को असली बताकर ज्वेलर्स से लाखों रुपये ऐंठने वाले कथित ठगों का खेल एक WhatsApp अलर्ट के कारण खुल गया। बीरगांव के मेन रोड स्थित एक ज्वेलरी दुकान में तीन लोगों ने अलग-अलग समय पर नकली सोने की रिंग और कंगन गिरवी रखकर कुल 3 लाख 90 हजार ले लिए।
मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के WhatsApp ग्रुप पर नकली गोल्ड ज्वेलरी गिरवी रखकर ठगी करने वाले लोगों को लेकर चेतावनी साझा की गई। संदेश मिलने के बाद ज्वेलर ने अपने यहां गिरवी रखे जेवरात की जांच कराई तो पूरा मामला सामने आ गया।
पीड़ित ज्वेलर की शिकायत पर उरला पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले रिंग, फिर कंगन… किस्तों में निकाले ₹3.90 लाख
पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, शैलेन्द्र नगर निवासी वैभव सोनी (32) बीरगांव में ज्वेलरी दुकान संचालित करते हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनीष देवांगन सबसे पहले दुकान पहुंचा और 4.080 ग्राम वजन की सोने जैसी जेंट्स रिंग गिरवी रखकर 40 हजार नकद ले गया।
इसके बाद मनीष दोबारा दुकान पहुंचा। इस बार उसने 19.860 ग्राम वजन के चार सोने जैसे कंगन गिरवी रखे और कथित तौर पर 1.90 लाख हासिल किए।
इसके बाद ठगी के इस कथित खेल में दो और लोग शामिल हुए। दामिनी सुमन और राजेश अग्रवाल दुकान पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, दामिनी ने 17.820 ग्राम वजन के दो सोने जैसे कंगन गिरवी रखे और इसके बदले ₹1.60 लाख लिए। इस तरह तीन अलग-अलग लेनदेन में ज्वेलर से कुल ₹3.90 लाख लिए गए।
5 अक्टूबर को WhatsApp मैसेज ने बदल दी पूरी कहानी
मामले में सबसे अहम मोड़ 5 अक्टूबर को आया। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के WhatsApp ग्रुप पर एक मैसेज शेयर किया गया, जिसमें ज्वेलर्स को चेतावनी दी गई थी कि कुछ लोग नकली गोल्ड ज्वेलरी गिरवी रखकर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं।
मैसेज मिलने के बाद वैभव सोनी को अपने यहां गिरवी रखे जेवरात पर संदेह हुआ। उन्होंने सभी जेवरात रायपुर के सदर बाजार स्थित एक दुकान पर ले जाकर जांच कराई। जांच के बाद सामने आया कि जिन जेवरात को सोना बताकर गिरवी रखा गया था, वे नकली निकले।
शिकायत के बाद तीन आरोपियों पर केस
ठगी का पता चलने के बाद ज्वेलर ने 6 अक्टूबर को उरला थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मनीष देवांगन, दामिनी सुमन और राजेश अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, आपसी संबंध और नकली जेवरात के स्रोत समेत पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि नकली गोल्ड ज्वेलरी की पहचान और उसकी शुद्धता की जांच किए बिना गिरवी लेनदेन करना ज्वेलर्स के लिए कितना जोखिम भरा हो सकता है।
