छत्तीसगढ़ कांग्रेस का बड़ा फैसला; 20 निष्कासित नेताओं की हुई घर वापसी, अनुशासन समिति ने तत्काल प्रभाव से रद्द किया निष्कासन

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक फैसले के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने 20 निष्कासित कांग्रेसजनों को बड़ी राहत देते हुए उनका निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। 18 सितंबर को हुई समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर 20 सितंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया गया।
प्रदेश कांग्रेस के इस फैसले का असर रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पड़ा है। इनमें पार्षद विनय चोपड़ा समेत कुल 20 कांग्रेसजनों के नाम शामिल हैं।
राजनांदगांव से सबसे ज्यादा नाम
जारी आदेश के मुताबिक, राजनांदगांव जिले के 9 कांग्रेसजनों का निष्कासन रद्द किया गया है। वहीं गरियाबंद के 6, रायपुर के 3, जबकि मुंगेली और कोंडागांव के एक-एक नेता को राहत मिली है।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ फैसला
अनुशासन समिति के आदेश के अनुसार, सभी 20 कांग्रेसजनों का निष्कासन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में निष्कासन के मूल कारणों या नेताओं की वापसी के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
पूरी सूची: आनंद कुकरेजा, विनय चोपड़ा, पूनम पाण्डेय, विशाल रजानी, गौरेलाल सिन्हा, राधोवा महाडिक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा, भानुप्रताप साहू, सुशील सोनी, समीर खान, सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिन्हकर, सकरू चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर, शशांक डोंगरे, श्यामबती सिन्हा और अंजू बंजारे।

